हिंदू रक्षा निधि अर्पण कार्यक्रम में डा. प्रवीण तोगड़िया ने हिंदुओं को बड़ी नसीहत दी तो यूपी सरकार द्वारा दो बच्चों को लेकर कानून लाने की मंशा को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को हम दो हमारे दो के फार्मूले से बचना चाहिए। आज की तारीख में तालिबानियों की संख्या 50 करोड़ पहुंच चुकी है। काबुल, कराची, लाहौर हमारे देश के अभिन्न हिस्से हैं और अखंड भारत बनाना हमारा लक्ष्य है। मौजूदा सरकार का नारा सबका साथ सबका विकास है लेकिन हमारा नारा है हिंदू का साथ हिंदुत्व का विकास है।अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद व राष्ट्रीय बजरंग दल के संस्थापक और अध्यक्ष डा. प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि उनका लक्ष्य वीर हिंदू, विजेता हिंदू बनाना है। उन्होंने आह्वान किया कि हिंदू परिवार व्यायाम करें, त्रिशूल रखें, शस्त्र पूजन करें। विजयादशमी को एक करोड़ स्थानों पर शस्त्र पूजन कराने का उनका लक्ष्य है। हिंदुओं को चाहिए कि वह प्रत्येक परिवार से एक व्यक्ति को सेना या पुलिस में अवश्य भर्ती कराएं और उसके लिए अपने बच्चों को प्रारंभ से ही अच्छी शिक्षा एवं व्यायाम करवाएं। देश में इस समय हिंदू खतरे में है, तालिबानी सोच के लोग बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र के अमरावती और कश्मीर में तालिबानी विचारधारा के लोग हावी है वह पुलिस व सेना पर हमला करते हैं किंतु वहां की सरकारें मुस्लिम तुष्टीकरण विचारधारा के कारण उन्हें संरक्षण देती हैं।हमारे मूल पांच लक्ष्य भारत के किसी भी कोने पर हिंदू हेल्पलाइन से हिंदू को सहायता देना।25000 कॉल सेंटर इसके लिए सक्रिय है। दूसरा किसी भी गरीब हिंदू को इंडिया हेल्पलाइन से मुफ्त इलाज दिया जाएगा। उनके इस संगठन में 10 हजार स्पेशलिस्ट डॉक्टर जुड़े हैं और प्रतिदिन एक डॉक्टर एक हिंदू का मुफ्त इलाज करता है। तीसरा एक मुट्ठी अनाज योजना। जिसके तहत प्रत्येक परिवार से प्रतिदिन एक मुट्ठी चावल या गेहूं एकत्रित किया जाता है और बाद में उसे 10 — 10 किलो के पैकेट बनाकर गरीबों को वितरित किया जाता है। ” किड्स अहेड ” अर्थात “बच्चे ही आगे” इस के तहत हम बच्चों को संस्कारित करते हैं उन्हें चुस्त दुरुस्त रखना सिखाते हैं ताकि वह आगे बनकर वीर हिंदू विजेता हिंदू के लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। अंतिम शस्त्र यानी त्रिशूल धारण। इसी आधार पर हमारे पांच मूल मंत्र हैं।वीर हिंदू विजेता हिंदू ,अखंड भारत संकल्प, दशहरा शस्त्र पूजन, त्रिशूल धारण व नियमित व्यायाम और खेल हमारे मूल मंत्र है।
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