मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में पहली अप्रैल से शुरू होने जा रही गेहूं खरीद के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी यह सुनिश्चित कर करेंगे कि किसानों से गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए। उन्होंने चेताया है कि गेहूं खरीद में बिचौलियों की संलिप्तता किसी भी दशा में न होने पाए। रबी विपणन वर्ष 2022-2023 में सरकार ने गेहूं खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2015 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।अपने सरकारी आवास पर गेहूं खरीद की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए कृत संकल्पित है। इसी क्रम में एमएसपी के तहत गेहूं क्रय वर्ष 2022-2023 में खरीद का कार्य सुचारू ढंग से संचालित किया जाए। जिलाधिकारियों द्वारा क्रय केंद्रोंं का निर्धारण इस प्रकार किया जाए कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अधिक दूरी तय न करनी पड़े। गेहूं क्रय केंद्र के लिए पथ प्रदर्शक चिह्न अवश्य लगाए जाएं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने में अधिक समय तक इंतजार न करना पड़े। गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए उनका भुगतान समय से सुनिश्चित किया जाए। क्रय केंद्रों पर किसानों के बैठने, छाया व पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए। गेहूं क्रय केंद्रों की स्थापना के स्थानों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जाए।
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