मेले के सातों सेक्टरों को सात ऊर्जा चक्रो के रंगो से अलग अलग अलंकृत किया जाएगा

आयुर्वेद एवं योग के अनुसार मनुष्य शरीर में सात ऊर्जा चक्र हैं। सातों ऊर्जा चक्रों (सहस्रार चक्र, आज्ञा चक्र, विशुद्धि चक्र, अनाहत चक्र, मणिपुर चक्र, स्वादिष्ठान चक्र एवं मूलाधार चक्र) का संधान चेतना का विकास करता है जो सनातन धर्म के अनुसार मोक्ष की प्राप्ति में कारक हैं। इन सभी चक्रों का संबंध इंद्रधनुष के सात रंगो से माना गया है। कल्पवास के माध्यम से त्याग, सात्विकता, पवित्रता, ब्रह्मचर्य, नियम, भक्ति, ध्यान और दान का अनुपालन करते हुऐ मोक्ष की प्राप्ति हेतु माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को मेले के दर्शन तत्व की झलक मेला क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के माध्यम से दिखाने का प्रयास इस वर्ष प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।

इसी क्रम में मेले के सातों सेक्टरों को सात ऊर्जा चक्रो के रंगो से अलग अलग अलंकृत किया जाएगा। सभी सेक्टरों के रंग के अनुसार उनमें स्वागत द्वार भी बनाए जाएंगे।पॉन्टून पुलों को भी भगवा रंग में रंगा जाएगा तथा उनपर पूर्वस्थित लाइट के खम्बों पर एलईडी में धार्मिक चिन्ह के साथ झंडे भी लगाए जाएंगे। हर सेक्टर की चारदीवारी पर सेक्टर के रंग से संबंधित एक 3 फुट चौड़ी सीमांकन पट्टी, जिस पर प्रदेश सरकार एवं माघ मेला का प्रतीक चिन्ह अंकित होगा, लगाने की भी योजना है। ऐसा करने से आम जनता को सेक्टरों की पहचान करने में आसानी भी होगी एवं मेला क्षेत्र व्यवस्थित दिखेगा।

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