जीरोरोड बस अड्डा बंद, विंध्याचल-मीरजापुर, रेनूकूट-सोनभद्र, ओबरा-शक्तिनगर, चित्रकूट की बसें अब मिलेंगी यहां से

प्रयागराज। सिविल लाइंस बस अड्डे के बाद अब शहर के अंदर मौजूद जीरो रोड बस स्टेशन अब दो वर्ष या उससे ज्यादा समय के लिए बंद हो गया है। ऐसा इसलिए कि पुनर्विकास का काम शुरू हो चुका है। जीरो रोड बस अड्डा अब आधुनिक बस स्टेशन बनेगा, जो यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देगा। लेकिन तब तक थोड़ी परेशानी तो झेलनी पड़ेगी। अब यहां से चलने वाली सभी बसें नैनी के लेप्रोसी चौराहे पर शिफ्ट कर दी गई हैं।

यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किल

जीरो रोड से विंध्याचल, मीरजापुर, रेनूकूट, सोनभद्र, ओबरा, शक्तिनगर, चित्रकूट, बांदा, महोबा, खजुराहो, रीवा, चाकघाट, सीधी आदि के लिए रोडवेज बसों का संचालन होता था, अब इन सभी रूटों की बसों के लिए यात्रियों को लेप्रोसी ही जाना होगा। यात्रियों की मुश्किलें दो तरह से बढ़ेंगी, एक तो नैनी लेप्रोसी आने-जाने में समय और पैसा दोनों खर्च होंगे। दूसरी लेप्रोसी पर यात्री सुविधाओं का बिल्कुल अभाव है। खासकर रात के समय आने-जाने में यात्री बहुत परेशान होंगे। हालांकि बस अड्डा बंद होने से जीरो रोड बस अड्डे के आसपास लगने वाले जाम से थोड़ी राहत जरूर मिली है।

क्या कहते हैं रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक

बसों के शिफ्ट किए जाने की पुष्टि क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र कुमार सिंह ने की है। उन्होंने बताया कि “पुनर्विकास शुरू हो गया है। इस कारण टेंडर धारक कंपनी को बस अड्डा हैंडओवर कर दिया गया है। अब यहां से चलने वाली बसें लेप्रोसी चौराहे से यात्रियों को मिलेंगी। अभी माघ मेला तक के लिए रणनीति बनाई गई है, माघ मेला के बाद अगली रणनीति तय की जाएगी।

सीएमपी के पास से लखनऊ, अयोध्या, कानपुर की बसें

माघ मेला के बीच यूपी रोडवेज ने भीड़ प्रबंधन के लिए झूंसी और सीएमपी से बसों के संचालन को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया है। इसमें लखनऊ, अयोध्या, कानपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, फतेहपुर और कौशांबी जाने वाली बसें अब सीएमपी डिग्री कालेज के सामने केपी ट्रस्ट के मैदान (विद्या वाहिनी बस स्टेशन) से चलाई जा रही हैं। इस रूट की बसें नए निर्धारित मार्ग पर चलेंगी। लखनऊ और अयोध्या की बसें मेडिकल चौराहे से दाहिने, बालसन चौराहे से बाएं और लोक सेवा आयोग के दाहिने होते हुए जा रही हैं। कानपुर व कौशांबी रूट की बसें मेडिकल चौराहे से दाहिने, बालसन चौराहे से बाएं, लोक सेवा आयोग, धोबी घाट होते हुए हाईकोर्ट ओवर ब्रिज से गुजर रही हैं।

झूंसी से बनारस व गोरखपुर रूट की मिलेंगी बस

पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख रूटों की बसें झूंसी वर्कशाप स्थित अस्थायी बस स्टेशन से संचालित की जा रही हैं। इनमें वाराणसी, गोरखपुर, जौनपुर, आजमगढ़ सहित कई रूट शामिल हैं। इन बसों का संचालन भी पूरे माघ मेला अवधि के दौरान यहीं से होता रहेगा। यहां पहुंचना भी यात्रियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। अगर यात्री प्रयागराज जंक्शन या सिविल लाइंस उतर गया है तो उसे अतिरिक्त टैक्सी या ई-रिक्शा का सहारा लेना होगा। इससे जेब पर तो बोझ बढ़ेगा ही जाम के चलते समय भी खूब लगेगा। ऐसे में अगर आप बस से यात्रा करने वाले हैं तो घर से पर्याप्त समय लेकर ही निकलें।

जाम बना बड़ी चुनौती

सीएमपी से बस चलने के कारण बस अड्डे के सामने एमजी मार्ग पर, झूंसी वर्कशाप से बस चलने के कारण अंदावा चौराहे पर और लेप्रोसी चौराहे पर अब बसें उपलब्ध होने से, ये स्थान जाम के नए ब्लैक स्पाट बन गए हैं। इन स्थानों पर अभी यातायात प्रबंधन के लिए कोई प्लान मौजूद नहीं है। यहां न तो यातायात पुलिस की तैनाती है न सिविल पुलिस भीड़ नियंत्रित करने के लिए लगी है। इससे सरकारी बसों के अलावा डग्गामार बसें, टैक्सी, ई-रिक्शा सड़क पर आड़े तिरछे खड़े हो जाते हैं। इनकी संख्या एक दो नहीं बल्कि दर्जनों में होती है, इससे सामान्य रूप से चलने वाला ट्रैफिक अब जाम में बदल गया है।

रोडवेज कंट्रोल रूम नंबर, जहां मिलेगी मदद

क्षेत्रीय कंट्रोल रूम- 6389149075

झूंसी बस स्टेशन – 6389149076

पटेल बाग बस स्टेशन -6389149078

विद्या वाहिनी बस स्टेशन -6389149084

लेप्रोसी बस स्टेशन-6389149085

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