दिल्ली चलो नारे के प्रणेता थे सुभाष बाबू-चंद्रभूषण सिंह यादव

23 जनवरी 1897 को जन्मे महान राष्ट्र भक्त एवं त्याग-तपस्या की प्रतिमूर्ति नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने आई सी एस(अब आई ए एस) की परीक्षा उत्तीर्ण होने के बावजूद इस वैभव पूर्ण पद और सम्मान को लात मारते हुए देश को आजाद कराने हेतु अत्यंत कठिन राह को चुना था,उक्त उद्गार नेताजी सुभाष बाबू की जयंती पर रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत डुमरी स्थित सपा जन संपर्क कार्यालय पर आयोजित जयंती कार्यक्रम में व्यक्त करते हुए सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि निःस्वार्थ आजादी की लड़ाई को सशस्त्र सेना बना विदेश की धरती से अग्रेजों से लोहा लेने वाले एवं दिल्ली चलो के प्रणेता सुभाष बाबू को उनके जन्म जयंती पर नमन है।
सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि नेताजी ने महात्मा गाँधी की विचारधारा से इतर गरम दल का रास्ता चुनते हुए आजादी के लिए आजाद हिन्द फ़ौज बना करके अंग्रेजी दासता के विरुद्ध अपनी रणभेरी बजाया था। तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा का सूत्र वाक्य दे सुभाष बाबू ने प्रत्येक भारतीय को राष्ट्र की आजादी हेतु आत्मोसर्ग करने की प्रेरणा देते हुए अंग्रेजो को मजबूत चुनौती दिया था जिस हेतु राष्ट्र उनके प्रति सदैव श्रद्धावनत रहेगा।
सुभाष चन्द्र बोस जयंती पर उन्हें श्रद्धा पूर्वक नमन करने वालों में रामप्यारे यादव, श्रीकांत धरकार,शंकर गोंड, बेलभद्र गोंड, अभिषेक गुड्डू गोंड, अमीन अंसारी, लालू अंसारी,मुन्ना अंसारी,श्यामराज कन्नौजिया, चौथी प्रसाद, राम नयन प्रसाद, पारस प्रसाद,दिनेश यादव, अजीत टुनटुन यादव,सचिन प्रसाद, छोटू यादव आदि के नाम प्रमुख हैं।

Related posts

Leave a Comment