प्रयागराज)। पिछले करीब छह माह से दशहत का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार गुरुवार को पकड़ लिया गया। वह सुबह छिबैया गांव में घुस गया था। यहां उसने हमला करके दो लोगों को घायल कर दिया। इसके बाद वह एक घर में घुस गया। इसी घर में लोगों ने उसे बंद कर दिया। अंदर फंसे लोगों रोशनदान के सहारे निकाला गया।
कानपुर के विशेषज्ञ ने किया बेहोश, पिजरे में कैद किया
सूचना पर वन विभाग के अफसर पहुंचे। करीब नौ घंटे तक मशक्कत चली। आखिर में कानपुर से आए विशेषज्ञ ने उसे बेहोश किया। तब तेंदुए को पिंजरे में कैद किया गया। चिकित्सक इनका परीक्षण करेंगे। इसके बाद फैसला होगा कि उसे कहां छोड़ा जाए।
झूंसी के छबैया गांव के कछार में दिखा
झूंसी से करीब सात किलोमीटर दूर स्थित छिबैया गांव के कछार में सुबह करीब पांच बजे लोगों की नजर तेंदुए पर पड़ी। इसके बाद लोगों में दहशत फैल गई। गांव के तमाम लोग एकत्र हो गए। लाठी-डंडे लेकर ग्रामीणों ने तेंदुए को दौड़ा लिया।
पकड़े जाने तक अफरा-तफरी रही
सूचना पर डीएफओ अरविंद यादव टीम के साथ पहुंचे। पुलिस फोर्स भी आ गई। लेकिन, बिना बेहोश किए तेंदुए को पकड़ना आसान नहीं था। ऐसे में तेंदुए ट्रैंकुलाइज करने के लिए कानपुर के चिड़ियाघर से पशु चिकित्सक डाॅ. नासिर को बुलाया गया। दोपहर वह मौके पर पहुंचे। उन्होंने तेंदुआ को बेहोश किया, तब वन विभाग के कर्मियों ने उसे निकाल कर पिंजरे में डाला। करीब नौ घंटे तक तेंदुए की वजह से गांव में अफरातफरी का माहौल रहा। उसके पकड़ने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
पूरी तरह से वयस्क है नर तेंदुआ : डीएफओ
डीएफओ अरविंद यादव ने बताया कि जिस तेंदुए को पकड़ा गया है वह नर है। उसकी उम्र करीब सात से आठ साल है। वह वयस्क है। तेंदुए को वन विभाग के कार्यालय लाया गया है। यहां पर चिकित्सक उसका स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। उसके स्वस्थ्य होने पर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक से दिशा-निर्देश लिए जाएंगे। उनके निर्देशों के अनुसार तेंदुए को जंगल में छोड़ा जाएगा।