सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा प्रयागराज जिले के मेजा तहसील के पंडित कृपाशंकर तिवारी महाविद्यालय में ‘इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन एंड आउटरीच प्रोग्राम'(आई.सी.ओ.पी.) के तहत ‘विकसित भारत – जी राम जी कानून’, ‘सेवा, सुशासन एवं समृद्धि’ तथा ‘गणतंत्र दिवस’ विषय पर दिनांक – 24 जनवरी से 28 जनवरी 2026 के बीच पांच दिवसीय प्रदर्शनी, व्याख्यान, गोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आज संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के समापन के क्रम में आज पांचवे दिन एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें प्रयागराज परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री राजीव उमराव में मुख्य अतिथि के रूप में लिया। इस अवसर पर सेवानिवृत्ति उप शिक्षा निदेशक तथा समाजसेवी श्री अशोक नाथ तिवारी, संस्थान के प्रबंधक श्री कृष्णा तिवारी तथा पत्र सूचना कार्यालय एवं केंद्रीय संचार ब्यूरो के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल संगोष्ठी को संबोधित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्य अतिथि श्री राजीव उमराव ने डाक विभाग द्वारा जनहित में किया जा रहे कार्यों तथा डाक विभाग द्वारा अपनायें जा रहे नवाचारों के बारे में जानकारी दी। मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुये पोस्टमास्टर जनरल श्री राजीव उमराव ने कहा कि भारतीय डाक की पहुंच देश के प्रत्येक गांव तक है तथा इसी नेटवर्किंग के माध्यम से डाक विभाग द्वारा जनता को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। श्री उमराव ने कहा कि इंडिया पोस्ट बैंक के द्वारा उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ से अधिक बैंक खाता खोले गए हैं तथा यह सभी खाते डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से खोले गए हैं। मुख्य अतिथिने कहा आज के समय में डाक विभाग केवल पत्रों के पहुंचने तक सीमित न होकर विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। श्री उमराव ने कहा कि डाक विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का विविधीरण किया गया है। उन्होंने कहा कि आज भारतीय डाक द्वारा, पासपोर्ट को बनाने, आधार कार्ड को बनाने समेत बैंकिंग तथा बीमा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न सेवाएं प्रदान की जा रही है। पोस्ट मास्टर जनरल श्री उमराव ने कहा कि सरकार द्वारा लाई गई ‘विकसित भारत – जी राम जी योजना’ से ग्रामीण क्षेत्र में जहां एक बेहतर आधारभूत संरचना का निर्माण होगा वहीं दूसरी ओर इससे ग्रामीणों को 125 दिनों के रोजगार के गारंटी प्रदान की जा सकेगी, जो की पूरी तरह से पारदर्शी व्यवस्था के तहत की राजनीति की जाएगी। श्री उमराव ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से आवाहन किया कि उनके द्वारा इस योजना के बारे में वास्तविक जानकारी लोगों के साथ साझा किया जाये, जिससे अधिक से अधिक संख्या में लोग इसका फायदा उठा सके।
विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुये अशोक नाथ तिवारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन से ग्रामीण जनता को सरकार की नीतियों एवं जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में सही जानकारी प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को जागरूक होना चाहिए तथा उसे अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों का बेहतर ज्ञान होना चाहिए। श्री तिवारी ने लोगों से आवाहन किया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 2047 के विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिये समाज के सभी वर्ग को राष्ट्र के बेहतरीन के लिए कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर विकाससे ही देश का विकास सुनिश्चित हो सकेगा। श्री तिवारी ने छात्रों से कड़ी मेहनत करने तथा राष्ट्रीय हितों में अपना सर्वोत्तम देने की अपील की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पत्र सूचना कार्यालय एवं केंद्रीय संचार ब्यूरो के निदेशक श्री दिलीप शुक्ल ने कहा कि सशक्त नागरिकों से सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन के पीछे का उद्देश्य जनता को शिक्षित एवं जागरूक करना है।
पंडित कृपाशंकर तिवारी महाविद्यालय के प्रबंधक श्री कृष्णा तिवारी ने सबके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ प्राप्त हुआ है तथा वह योजना के मूल तत्व को समझ सकें।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन तथा उपस्थित छात्राओं के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया तथा विजेता छात्र – छात्राओं को पुरस्कृत भी किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र – छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई।
इस दौरान हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों द्वारा केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा ‘विकसित भारत – जी राम जी कानून’, ‘सेवा, सुशासन एवं समृद्धि’ तथा ‘गणतंत्र दिवस’ विषय पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग तथा स्कूली छात्र – छात्रायें उपस्थित रहे।