लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की और चेतावनी दी कि देश एक बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार पर आम नागरिकों की चिंताओं को नजरअंदाज करने का आरोप भी लगाया। बछरावां में एक वेडिंग हॉल का उद्घाटन करने के बाद रायबरेली में एक सभा को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि एक आर्थिक तूफान आ रहा है और दावा किया कि केंद्र सरकार देश को इसके प्रभाव के लिए तैयार करने में विफल रही है।
पश्चिम एशिया में तनाव का जिक्र करते हुए गांधी ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित कर दिया है, क्योंकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण कड़ा कर दिया है, जिससे होकर दुनिया के तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। राहुल गांधी ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब तक मौजूदा सरकार नहीं बदलती, महंगाई बढ़ती रहेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह कभी नॉर्वे का दौरा करते हैं, कभी जापान का, जबकि लोगों से विदेश यात्राओं से बचने का आग्रह करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक मौजूदा सरकार नहीं बदलती, महंगाई बढ़ती रहेगी।
उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी देश से सोना न खरीदने, इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करने और विदेश यात्रा से बचने का आग्रह करते हैं, लेकिन इसके तुरंत बाद ही वह विदेश यात्रा पर निकल जाते हैं। उन्होंने कहा कि दुख की बात यह है कि एक भयंकर आर्थिक तूफान आ रहा है, जिसे कोई नहीं रोक सकता, ऐसा तूफान हमने अपने जीवन में कभी नहीं देखा।” दर्शकों से सवाल करते हुए उन्होंने पूछा कि नुकसान किसका होगा? और उन्होंने जवाब दिया, “न तो अंबानी का होगा और न ही अदाणी का। वे अपने महलों में बैठे रहेंगे, जिनकी चारों तरफ से सुरक्षा है। नुकसान भारत के किसानों, मजदूरों, युवाओं, छोटे व्यापारियों और रोजगार पैदा करने वाले छोटे उद्योगों का होगा।
गांधी ने कहा कि मैं महीनों से कहता आ रहा हूं कि एक आर्थिक तूफान आने वाला है। मैंने सरकार से तैयारी करने का आग्रह किया है, क्योंकि जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। पेट्रोल की कीमतें बढ़ने वाली हैं और महंगाई आसमान छूएगी। फिर भी, वे कहते हैं कि राहुल गांधी को कुछ समझ नहीं है। आज भी हम उनसे कहते रहते हैं- कार्रवाई कीजिए। जनता की रक्षा कीजिए। किसानों की रक्षा कीजिए। लेकिन वे कुछ नहीं करते। कभी वह नॉर्वे चले जाते हैं, कभी जापान, और फिर कहीं और। क्यों?
विपक्ष के नेता ने एक बार फिर दोहराया कि एक ऐसा तूफान आ रहा है, जिसका सामना भारत ने पहले कभी नहीं किया। उन्होंने कहा कि हम दिन-ब-दिन नरेन्द्र मोदी से आग्रह करते आ रहे हैं – मजदूरों और छोटे व्यापारियों की रक्षा करना शुरू कीजिए। अगर आप ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो देश को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। फिर भी, वह क्या करते हैं? वह नॉर्वे चले जाते हैं। और नॉर्वे में वह कहते हैं, भाई अदाणी की मदद करो, अंबानी की मदद करो। यह हो रहा है। जनता को जागरूक होना चाहिए।