प्रयागराज । जी हां मकान सूचीकरण और आवास देश के कई राज्यों में शुरू हो चुका है। इस बार की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल हो रही है, जहाँ कर्मचारी घर-घर जाकर मोबाइल या टैबलेट के जरिए मकान और परिवार की स्थिति से जुड़े लगभग 33 सवालों के जवाब दर्ज कर रहे हैं। जनगणना 2027 के तहत पहले चरण में ‘हाउस लिस्टिंग’ यानी मकानों की गिनती और सुविधाओं का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। सरकारी कर्मचारी और अधिकारी अब घर-घर जाकर मकान की स्थिति और वहाँ मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ले रहे हैं।””इस सर्वे में आपसे लगभग 33 सवाल पूछे जा रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं
जैसे की आपके मकान की स्थिति कैसी है कच्चा, पक्का या किराए का है ,पीने के पानी का मुख्य स्रोत क्या है, बिजली, शौचालय और रसोई गैस की क्या सुविधा है की नही ,परिवार के पास कौन-सी संपत्ति या साधन जैसे टीवी, इंटरनेट, गाड़ी आदि मौजूद हैं की नही आपको बता दें कि यह देश की पहली डिजिटल जनगणना है! शनिवार को प्रयागराज जनपद के नगर पंचायत लालगोपालगंज में टोटल 9 सुपर वाइजर की डियूटी लगाई गई है 1 सुपरवाइजर के साथ 6 सहायक लगाये गये है कुल मिलाकर 53 एच एल वी पूरे नगर पंचायत में लगाये गये है जिनको करीब 800 आबादी वाले वार्ड में जाना होगा जिसमें करीब 150 मकान की संख्या का सर्वे करना होगा आपको बता दे कि यह पहला चरण है जो सितंबर महीने तक चलेगा। इसके बाद अगले साल फरवरी 2027 से वास्तविक जनसंख्या गणना का काम शुरू होगा जिसमें जातिगत आंकड़े भी जुटाए जाएंगे। भारत की 2027 की जनगणना, या 16वीं भारतीय जनगणना, दो चरणों में आयोजित की जा रही है: पहला चरण है मकानों की सूची और आवास जनगणना, जो 1 अप्रैल 2026 को शुरू हुई और सितंबर 2026 तक जारी रहेगी, और दूसरा चरण है जनसंख्या गणना का, जो फरवरी 2027 में निर्धारित है। इस मौके पर ग्राम पंचायत अधिकारी प्रगड़क अपूर्वा रघुवंशी ,व सुपरवाइजर राजेंद्र यादव के साथ अन्य सहायक मौजूद रहे
मकान गड़ना का कार्य हुआ शुरू दिखने लगे घर घर सर्वेयर अधिकारी