महापौर गणेश केसरवानी ने निर्माणाधीन ‘साहित्य तीर्थ’ का किया औचक निरीक्षण

प्रयागराज।
नगर निगम प्रयागराज द्वारा अरैल क्षेत्र में विकसित किए जा रहे बहुप्रतीक्षित ‘साहित्य तीर्थ’ के निर्माण कार्यों का महापौर गणेश केसरवानी ने औचक निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि आगामी दो महीनों के भीतर सभी निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि 15 अगस्त को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भव्य लोकार्पण कर इसे प्रयागराज की जनता को समर्पित किया जा सके।

महापौर ने निर्माणाधीन साहित्य तीर्थ परिसर का विस्तृत भ्रमण करते हुए विभिन्न प्रस्तावित संरचनाओं एवं सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रयागराज के मूर्धन्य साहित्यकारों की स्थापित की जा रही प्रतिमाओं, ओपन थिएटर, ओपन लाइब्रेरी तथा बुक स्टोर के निर्माण कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान महापौर ने कहा कि प्रयागराज केवल संगम नगरी ही नहीं, बल्कि साहित्य, शिक्षा और संस्कृति की भी ऐतिहासिक राजधानी रहा है। इस पावन भूमि ने देश को अनेक महान कवि, लेखक, चिंतक और साहित्यकार दिए हैं, जिनकी स्मृतियों और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से साहित्य तीर्थ का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थल साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा।

महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि साहित्य तीर्थ को केवल एक दर्शनीय स्थल के रूप में नहीं, बल्कि साहित्यिक गतिविधियों, सांस्कृतिक आयोजनों और बौद्धिक विमर्शों के स्थायी केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। यहां स्थापित होने वाली ओपन लाइब्रेरी और बुक स्टोर पाठकों को अध्ययन एवं शोध का बेहतर वातावरण प्रदान करेंगे, वहीं ओपन थिएटर साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन का प्रमुख मंच बनेगा।

उन्होंने कहा कि नगर निगम की यह परियोजना प्रयागराज की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा प्रदान करेगी। साहित्य तीर्थ आने वाले समय में शहर की गौरवशाली साहित्यिक परंपरा को संरक्षित करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को साहित्य और संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

निरीक्षण के दौरान सी एंड डी एस के अधिकारियों एवं फील्ड इंजीनियरों के साथ निर्माण कार्यों की प्रगति और शेष कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। महापौर ने निर्माण एजेंसी को कार्यों में और तेजी लाने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर राजू पाठक, गिरजेश मिश्रा, हिमालय सोनकर, रोबोट पांडे पप्पू, सुधाकर पांडे, अभिषेक सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

नगर निगम की इस महत्वाकांक्षी पहल से प्रयागराज को एक ऐसा सांस्कृतिक और साहित्यिक केंद्र मिलने जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में साहित्य, कला और ज्ञान के क्षेत्र में शहर की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा। 15 अगस्त को प्रस्तावित लोकार्पण के साथ साहित्य तीर्थ प्रयागराज की सांस्कृतिक विरासत का एक नया अध्याय लिखेगा।

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