मेरी पहचान है, जिससे वह पावन नाम है गंगा….
प्रयागराज। माघ मेला मेला तपस्वी रामानंदामार्ग स्थित स्वामी रामतीर्थ दास के शिविर में शनिवार को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। अवसर पर कवि जीतेन्द्र जलज ने जीवन की सार्थकता पर केंद्रित कविता चंदन है, पानी है और क्या…प्रस्तुत का तालियां बटोरीं। कवियत्री वंदना शुक्ला ने कविता मेरी पहचान है, जिससे वह पावन नाम है गंगा प्रस्तुत कर मां गंगा की महिमा बखानी। कवि नवीन शुक्ल और उमेश द्विवेदी ने गीत, गजल से सामाजिक विसंगतियों को रेखांकित किया। दिनेश पांडेय उर्फ नजर इलाहाबादी ने हास्य रचनाओं से गुदगुदाया। अयोध्या के महंत रामतीर्थ दास ने रचनकारों को सम्मानित किया। इस मौके पर महंत रघुवर शरण दास ने प्रयाग महात्म्य पर विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर महंत मंगल दास, स्वामी उत्तम दास, महंत विजय राम दास, हम माघ मेले में आए हुए श्रोता एवं पत्रकार बंधु उपस्थित रहे।