Bihar में कोचिंग पर लगाम, Education में अनुशासन! स्कूल के समय नहीं चलेंगे Coaching Institute

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कोचिंग संचालन को लेकर शिक्षा विभाग को निम्न महत्वपूर्ण निर्देश दिये गये हैं। इसके साथ ही कहा गया है कि सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों का विवरण संबंधित जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। अपने एक्स पोस्ट में मुख्यमंत्री ने लिखा कि राज्य में विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कोचिंग संचालन को लेकर शिक्षा विभाग को निम्न महत्वपूर्ण निर्देश दिये गये हैं।

सम्राट चौधरी ने कहा कि सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों का विवरण संबंधित जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों एवं कॉलेजों के लिये निर्धारित शिक्षण समय के दौरान कोई भी कोचिंग संस्थान संचालित नहीं किया जाना चाहिये। यह व्यवस्था उन विद्यार्थियों पर लागू नहीं होगी जिन्होंने अपनी नियमित स्कूली/महाविद्यालयी शिक्षा पूरी कर ली है। शिक्षा विभाग को इस संबंध में नियमावली तैयार करने हेतु निदेशित किया गया है। शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना हमारी प्रतिबद्धता है।

सम्राट चौधरी ने मंगलवार को घोषणा की कि औद्योगिक एवं निवेश संबंधी सभी आवश्यक मंजूरियां अब 30 दिनों के भीतर देना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि संबंधित विभाग या प्राधिकरण तय समय-सीमा के भीतर कोई निर्णय नहीं लेता है, तो आवेदन को स्वतः स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि इस पहल का उद्देश्य बिहार में औद्योगिक विकास को तेज करना, बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना और राज्य की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत बनाना है।

 

सम्राट ने कहा कि बिहार में उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया गया है। इसमें कहा गया है कि सरकार उद्योगों की स्थापना से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी, समयबद्ध और निवेशक-अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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