अक्सर देखा जाता है कि जो आदतें एक गर्लफ्रेंड में लड़कों को बहुत प्यारी और क्यूट लगती हैं, वही आदतें शादी के बाद पत्नी में दिखने पर उन्हें अचानक गुस्सा आने लगता है। दरअसल, यह किसी इंसान का बदलना नहीं है, बल्कि असल जिंदगी की जिम्मेदारियों और नजरिए का बदलाव है। डेटिंग के समय जो बातें रोमांस का हिस्सा होती हैं, शादी के बाद वे ही बातें गंभीर जिम्मेदारियों के बीच तनाव का कारण बन जाती हैं।
बार-बार फोन या मैसेज करना
जब गर्लफ्रेंड दिन में कई बार फोन करके पूछती है कि क्या कर रहे हो? या खाना खाया?, तो लड़कों को यह बहुत अच्छा लगता है। उन्हें महसूस होता है कि कोई उनकी बहुत फिक्र कर रहा है। लेकिन शादी के बाद जब पत्नी यही सवाल बार-बार पूछती है, तो कई बार मर्दों को लगता है कि उन पर नजर रखी जा रही है या उन्हें अपनी आजादी नहीं मिल रही। ऑफिस के काम और तनाव के बीच यही प्यार भरी फिक्र उन्हें टोकना लगने लगती है।
छोटी-छोटी बातों पर रूठना
डेटिंग के दौरान गर्लफ्रेंड का छोटी-छोटी बातों पर मुंह फुलाना, रूठ जाना और फिर उसे प्यार से मनाना लड़कों को बहुत मजेदार लगता है। उन्हें अपनी पार्टनर के नखरे उठाना अच्छा लगता है। लेकिन शादी के बाद जब घर और बाहर की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं, तब पत्नी का इस तरह बिना बात के रूठना मर्दों को बचपना और बेवजह का ड्रामा लगने लगता है। वे उम्मीद करते हैं कि उनकी पत्नी समझदारी दिखाए और मुश्किलों को सुलझाने में उनका साथ दे।
ज्यादा पजेसिव होना
तुम उस लड़की से क्या बात कर रहे थे? गर्लफ्रेंड का ऐसा पूछना लड़कों को अच्छा लगता है। उन्हें लगता है कि उनकी पार्टनर उन्हें खोने से डरती है और इस हल्की सी जलन को वे सच्चे प्यार का सबूत मानते हैं। इसके विपरीत, शादी के बाद जब पत्नी यही पजेसिवनेस दिखाती है, तो मर्दों को लगता है कि उनकी पत्नी उन पर भरोसा नहीं करती। जो बात पहले गहरा प्यार लगती थी, वह शादी के बाद शक और सिरदर्द बन जाती है।
घंटों शॉपिंग करना
गर्लफ्रेंड के साथ शॉपिंग पर जाना, उसके बैग उठाना और उसे महंगे गिफ्ट देना लड़कों को एक हीरो जैसी फीलिंग देता है। लेकिन शादी के बाद जिंदगी की हकीकत सामने आती है, जहां घर के खर्चे, भविष्य की चिंताएं, लोन और सेविंग्स जैसी चीजें जुड़ जाती हैं। ऐसे में पत्नी की लंबी शॉपिंग और फिजूलखर्ची पर मर्दों का सब्र तुरंत टूट जाता है क्योंकि उन्हें घर का बजट बिगड़ने का डर सताने लगता है।
समय मांगना
डेटिंग के दिनों में लड़के अपनी गर्लफ्रेंड को ही अपनी दुनिया मानते हैं और अपना सारा खाली समय उसी के साथ बिताना चाहते हैं। लेकिन शादी सिर्फ दो लोगों का नहीं, बल्कि परिवारों का मिलन होती है। शादी के बाद मर्द चाहते हैं कि उनकी पत्नी उनके माता-पिता, परिवार और दोस्तों को भी समझे और उन्हें अहमियत दे। ऐसे में अगर पत्नी सिर्फ अपने लिए सारा समय मांगती है, तो मर्दों को यह बात स्वार्थ से भरी लगती है।
समझदारी और बातचीत से सुलझ सकती है मुश्किल
सच तो यह है कि शादी के बाद इंसान नहीं बदलता, बल्कि रिश्ते का रूप और हालात बदल जाते हैं। डेटिंग एक सपनों की दुनिया की तरह होती है जहां सिर्फ रोमांस होता है, जबकि शादी असल जिंदगी की एक साझेदारी है जहां बिल, रिश्तेदार और भविष्य की योजनाएं शामिल होती हैं। इस टकराव से बचने का एक ही तरीका है और वो है समझदारी और आपसी बातचीत। अगर दोनों पार्टनर एक-दूसरे की बदलती जिम्मेदारियों को समझें और एक टीम की तरह काम करें, तो शादी के बाद भी रिश्ते में वही पुराना प्यार बना रह सकता है।