अब Europe में भी ‘Make in India’ की गूंज, Slovakia के साथ Joint Defence Production पर बनी सहमति

भारत और स्लोवाकिया ने सोमवार को रक्षा सहयोग पर एक ‘लेटर ऑफ़ इंटेंट’ (LoI) पर हस्ताक्षर किए। इसका मकसद दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच संयुक्त विकास, संयुक्त उत्पादन और सहयोग को बढ़ावा देना है, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। इस बात की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रातिस्लावा में स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की। दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का ज़िक्र करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में सहयोग, आपसी भरोसे और साझा रणनीतिक सोच के ऊँचे स्तर का सबूत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा रक्षा सहयोग हमारे गहरे आपसी भरोसे और रणनीतिक तालमेल का सबूत है। मुझे खुशी है कि हमने आज इस अहम क्षेत्र में ‘लेटर ऑफ़ इंटेंट’ पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे रक्षा उद्योगों के बीच संयुक्त विकास, संयुक्त उत्पादन और सहयोग को नई गति मिलेगी।

फिको ने भी अपनी बात रखते हुए रक्षा क्षेत्र में सहयोग करने में दिलचस्पी दिखाई। स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं भी रक्षा उद्योग के क्षेत्र में सहयोग करने में दिलचस्पी रखता हूँ। दोनों नेताओं ने कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की और मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बीच बातचीत और कूटनीति के ज़रिए शांति और स्थिरता बनाए रखने के अपने संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत और स्लोवाकिया वैश्विक मंच पर भी करीबी तालमेल के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हम इस बात पर सहमत हैं कि सभी विवादों और तनावों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जाना चाहिए। एक और अहम घटनाक्रम में, पीएम मोदी ने लेबर माइग्रेशन (कामगारों के आवागमन) पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) की घोषणा की, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच पेशेवरों और कुशल कामगारों की आवाजाही को आसान बनाना है।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आज हमने अपने दोनों देशों के बीच पेशेवरों और कुशल कामगारों की आवाजाही को बढ़ाने के लिए लेबर माइग्रेशन पर एक MoU की घोषणा की। हम जल्द ही सोशल सिक्योरिटी (सामाजिक सुरक्षा) पर भी एक MoU को अंतिम रूप देंगे। प्रधानमंत्री ने अपने स्लोवाक समकक्ष को भारत आने का न्योता भी दिया। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की ओर से, मैं आपको भारत आने का निमंत्रण देता हूँ, और मुझे खुशी है कि आपने सार्वजनिक रूप से इस निमंत्रण को स्वीकार किया है।”

दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत से भारत-स्लोवाकिया संबंधों में बढ़ती गतिशीलता का पता चला; दोनों पक्षों ने रक्षा, व्यापार, वर्कफोर्स मोबिलिटी (कामगारों की आवाजाही) और अंतरराष्ट्रीय मामलों में सहयोग को और गहरा करने की इच्छा जताई। रक्षा सहयोग पर ‘लेटर ऑफ़ इंटेंट’ (इरादा पत्र) पर हस्ताक्षर से रक्षा निर्माण और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है, जिससे भारत और स्लोवाकिया के बीच रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भारत-स्लोवाकिया संबंधों को “व्यापक साझेदारी” (Comprehensive Partnership) के स्तर तक ले जाने की घोषणा की। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री फिको का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें अनुभवी नेता और भारत का सच्चा दोस्त बताया। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि आज मुझे उनसे मिलने और हमारे संबंधों में एक ऐतिहासिक पल का गवाह बनने का मौका मिला। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा है। मुझे खुशी है कि इस ऐतिहासिक मौके पर हमने अपने संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने का फैसला किया है। यह हमारे आपसी भरोसे, साझा प्राथमिकताओं और भविष्य के लिए एक साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है। इससे पहले, ऐतिहासिक ब्रातिस्लावा कैसल के सामने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी का औपचारिक स्वागत किया। कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा करने से पहले, प्रधानमंत्री फिको ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।

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