इक्यावन शक्तिपीठों के अंतर्गत विभिन्न स्वरूपों में विराजमान आदिशक्ति भगवती भगवान भोलेनाथ की अर्धांगिनी ही हैं सती पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत श्रृंगवेरपुर धाम की पुण्य भूमि पर रामायण मेला आयोजन समिति श्रृंगवेरपुर धाम द्वारा संचालित श्री राम कथा शोध संस्थान के माध्यम से आयोजित नब्बवे एक दिवसीय श्री राम कथा के आयोजन में ब्यासपीठ से मेला के महामंत्री सद्गृहस्थ कथा वाचक उमेश चन्द्र द्विवेदी ने ब्यास पीठ से कही उन्होंने कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सती के देह त्याग पश्चात क्रोधातुर भगवान शिव के द्वारा शव को लेकर जो तांडव पश्चाताप विलाप किया जा रहा था उस मोह त्याग के उद्देश्य से भगवान श्री हरि विष्णु ने सुदर्शन चक्र के द्वारा सती के शव को नौ खंडो में विभाजित कर दिया वह अंश जिन इक्यावन स्थानों गिरा वही विभिन्न नामों और स्वरूपों में शक्ति पीठ के रूप से विख्यात और स्थापित हुई जहां लोग दर्शन पूजन कर अपने स्वकल्याण कि कामना करते हैं कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्था व संचालन राष्ट्रीय रामायण मेला के संयुक्त मंत्री अमित द्विवेदी ने किया तत्पश्चात मां भगवती गंगा जी विशेष भव्य साप्ताहिक आरती उतारी गई जिसमें मुख्य यजमान /अतिथि के रूप में विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय महासचिव पंकज पाण्डेय सहकारी संघ के कौड़िहार श्रृंगवेरपुर धाम के अध्यक्ष कृष्ण चन्द्र पाण्डेय राम चन्द्र शुक्ल बैरिस्टर भाजपा जिला पदाधिकारी डॉ रामपति त्रिपाठी मण्डल उपाध्यक्ष अवधेश मिश्रा बसंत लाल उपाध्याय जगदीश पटेल पत्रकार अनिल त्रिपाठी नागेंद्र सिंह जादूगर राकेश कुमार त्रिपाठी जय प्रकाश मौर्या प्रधान राकेश केशरवानी आशीष केसरवानी ओम प्रकाश द्विवेदी प्रशान्त द्विवेदी हिमांशु शर्मा भोला सोनी आदि के साथ ही बड़ी संख्या में पुरुष महिलाएं एवं बच्चे उपस्थित रहे
इक्यावन शक्तिपीठों में बिराजती है सती —उमेश द्विवेदी