वक्त के साथ आजकल के रिश्तों के मायने और उनकी प्रॉब्लम्स दोनों पूरी तरह बदल चुके हैं। एक जमाना था जब चीटिंग का मतलब सिर्फ किसी और के साथ फिजिकल रिलेशनशिप में होना माना जाता था। लेकिन आज के सोशल मीडिया और डिजिटल दौर में एक नया टर्म काफी ट्रेंड कर रहा है, जिसे माइक्रो चीटिंग कहते हैं।
माइक्रो चीटिंग का सीधा सा मतलब है कि आपका पार्टनर आपके सामने तो एकदम शरीफ और लॉयल बनता है, लेकिन आपकी पीठ पीछे कुछ ऐसी छोटी-मोटी हरकतें करता है, जिससे आपका ट्रस्ट टूटता है या आपके मन में शक पैदा होने लगता है। ऐसे में कई बार लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं कि क्या एक्स की फोटो लाइक करना या किसी कलीग के साथ हेल्दी फ्लर्ट करना भी धोखेबाजी की कैटगरी में आता है?
क्या एक्स की फोटो लाइक करना या कलीग से फ्लर्ट करना सच में धोखा है?
इस सवाल का कोई सीधा हां या ना में जवाब नहीं है। यह पूरी तरह इस बात पर डिपेंड करता है कि आपने और आपके पार्टनर ने अपने रिश्ते में क्या बाउंड्रीज सेट की हैं। पुरानी दोस्ती के नाते कभी-कभार एक्स की कोई फोटो लाइक कर देना नॉर्मल हो सकता है, लेकिन अगर आपका पार्टनर जानबूझकर आधी रात को एक्स की पुरानी तस्वीरें स्क्रॉल कर रहा है या आपसे छिपाकर उसकी पोस्ट्स लाइक कर रहा है, तो यह रेड फ्लैग है और इसे माइक्रो चीटिंग माना जाएगा।
ठीक इसी तरह, ऑफिस में काम के दौरान हल्का-फुल्का हंसी-मजाक तो ठीक है, लेकिन मजाक की आड़ में फ्लर्ट करना सीधे तौर पर माइक्रो चीटिंग है। अगर कोई अपने किसी खास कलीग को इम्प्रेस करने के लिए सज-धजकर ऑफिस जा रहा है, उन्हें डबल मीनिंग या फ्लर्टेशियस मैसेजेस भेज रहा है, या अपनी पर्सनल लाइफ की ऐसी बातें शेयर कर रहा है जो सिर्फ पार्टनर को पता होनी चाहिए, तो यह एक तरह की इमोशनल चीटिंग ही है।
माइक्रो चीटिंग कैसे पहचानें?
पार्टनर का फोन को लेकर ज्यादा पजेसिव होना: अगर आपका पार्टनर अपने फोन को लेकर अचानक बहुत ज्यादा सेंसिटिव हो गया है, बार-बार पासवर्ड बदल रहा है, आपके कमरे में आते ही फोन की स्क्रीन छुपा लेता है या मैसेजेस को हाइड करके पढ़ता है, तो यह माइक्रो चीटिंग का बड़ा साइन है।
सोशल मीडिया सीक्रेसी: किसी एक खास इंसान की हर पोस्ट और रील पर कमेंट करना, छिप-छिपकर सोशल मीडिया पर डीएम में चैट करना और पकड़े जाने पर अरे वह तो सिर्फ एक नॉर्मल दोस्त है कहकर बात को टाल देना।
पार्टनर की दूसरों से तुलना करना: बात-बात पर ऑफिस के किसी कलीग या दोस्त की तारीफों के पुल बांधना, आपके अंदर कमियां निकालना या अपने सोशल सर्कल और दोस्तों के सामने खुद को सिंगल या अपनी रिलेशनशिप में नाखुश दिखाना।
फेक नाम से नंबर सेव करना: फोन में किसी खास लड़के या लड़की का नंबर किसी नकली नाम या किसी कॉमन दोस्त के नाम से सेव करना, ताकि जब भी उनका कॉल या मैसेज आए, तो आपको जरा भी शक न हो।