जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह की उपस्थिति में सोमवार को संगम सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई जिसमें जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए सभी चिकित्सकों को अपने-अपने संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों में सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करते हुए उच्च गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं । उन्होंने सभी चिकित्सकों से कहा कि मरीजों के साथ उचित व्यवहार करें और पूरी तन्मयता के साथ लोंगो का उपचार करें । जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सा अधीक्षकों से अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयासों एवं अच्छे कार्यों की जानकारी लेते हुए उनके संबंधित चिकित्सालयों में उपलब्ध अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं एवं चिकित्सा क्षेत्र में उनके केंद्र के द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यो का प्रचार-प्रसार भी करते रहने के लिए कहा है ताकि और लोगों को भी जानकारी मिल सके और वे भी लाभ प्राप्त कर सकें ।
बैठक में जिला महिला अस्पताल (डफरिन हॉस्पिटल)की अधीक्षिका डॉ सुनीता सागर के द्वारा बताया गया कि जिला महिला चिकित्सालय के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी दक्षता,समर्पण और प्रयासों से एक मात्र 700 ग्राम के अत्यंत कम वजन वाले नवजात शिशु बेबी ऑफ़ सोनिया को सफलतापूर्वक जीवनदान देकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है । उन्होंने बताया कि अत्यंत गंभीर अवस्था में जन्मे इस नवजात को नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में विशेष निगरानी एवं उपचार प्रदान किया गया ।
चिकित्सकों की टीम जिसमें डॉ प्रवीण कुमार यादव, डॉ इसरार अहमद, डॉ अरुण कुमार सिंह तथा स्टाफ में श्री धीरेंद्र कुमार सिंह, श्री विजय कुमार एवं रीना मिश्रा शामिल रहे,उनके द्वारा लगातार चिकित्सकीय देखभाल, आधुनिक उपकरणों के उपयोग तथा नर्सिंग स्टाफ की सतत निगरानी के परिणामस्वरूप शिशु की स्थिति में निरंतर सुधार हुआ। उपचार के दौरान नवजात को संक्रमण से बचाने, उचित पोषण उपलब्ध कराने एवं श्वसन संबंधी सहायता प्रदान करने के लिए विशेष प्रबंधन किया गया। उन्होंने बताया कि अत्यंत कम वजन वाले नवजातों का सफल उपचार चिकित्सा क्षेत्र में एक चुनौतीपूर्ण कार्य माना जाता है। उन्होंने बताया कि एडीए कॉलोनी, नीम सराय निवासी नवजात के परिजनों ने चिकित्सकों एवं अस्पताल प्रशासन के प्रति आभार जताया और कहा कि डफरिन अस्पताल के चिकित्सकों के अथक प्रयासों और समर्पित सेवा के कारण उनके बच्चे को नया जीवन मिला।
अधीक्षिका के द्वारा बताया गया कि डफरिन अस्पताल में 24 घण्टे नार्मल और सिजीरियन डिलीवरी, लेप्रोस्कोपिक फीमेल स्टर्लाइजेशन, मिनी लैप, एमटीपी, आईयूसीडी,पीपीआईयूसीडी, सीपैप और एसएनसीयू की सुविधा उपलब्ध है ।
जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि पर जिला महिला चिकित्सालय की अधीक्षक, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की पूरी टीम की सराहना की और कहा कि मैं आशा करता हूँ कि आप सभी लोग इसी प्रकार से पूरी तन्मयता के साथ आगे भी कार्य करते रहेंगे और जिला महिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सक गंभीर से गंभीर मामलों में भी लोंगो को बेहतर उपचार मुहैया कराएँगे और ज़्यादा से ज़्यादा लोग चिकित्सालय में उपलब्ध अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओ का लाभ ले सकेंगे । यह सफलता जिला महिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं चिकित्सकीय दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण है।