आज़ कीडगंज स्थित भगवान श्री जगन्नाथ ज़ी के मंदिर में भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की महास्नान यात्रा विधि-विधान से संपन्न हुई। सुबह मंगला आरती के पश्चात तीनों विग्रहों को रत्न सिंहासन से स्नान मंडप लाया गया। जहाँ 108 कलशों के पवित्र जल, सुगंधित द्रव्यों एवं औषधियों से भगवान का महास्नान कराया गया। स्नान के उपरांत भगवान को “गजानन वेश” में श्रद्धालुओं ने दर्शन दिए। मान्यता है कि इतने बड़े स्नान के कारण भगवान बीमार हो जाते हैं। इसलिए आज से अगले 15 दिनों तक, जिसे “अनासर” कहा जाता है, भगवान एकांतवास में रहेंगे। इस दौरान मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। भक्तों को भगवान के दर्शन “पटचित्र” के रूप में कराए जाएंगे। मंदिर के मुख्य पुजारी ने बताया कि इस अवधि में भगवान का गुप्त रूप से औषधीय काढ़े व फलों के रस से उपचार किया जाएगा। 15 दिन बाद “नवयौवन दर्शन” के साथ पट पुनः खोले जाएंगे, जिसके बाद विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का आयोजन होगा। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि अनासर अवधि में दर्शन हेतु मंदिर न आएं। इस दौरान केवल सीमित सेवायत ही भगवान की सेवा कर सकेंगे। नामिका चौधरी निषाद पूर्व उपमहापौर,पदुम जायसवाल सहित समाज के अन्यान्य लोगों ने भगवान की आरती उतारकर प्रसाद ग्रहण किया।
भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की महास्नान यात्रा विधि-विधान से संपन्न