पाँच दिवसीय “दीक्षारम्भ cum Orientation Programme” का हुआ समापन

प्रयागराज, 28 सितम्बर 2026।

सी.एम.पी. डिग्री कॉलेज, प्रयागराज के विधि विभाग एवं Legal Aid & Services Clinic के संयुक्त तत्वावधान में नवप्रवेशित एलएल.बी. प्रथम सेमेस्टर, शैक्षणिक सत्र 2026–27 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित पाँच दिवसीय “दीक्षारम्भ cum Orientation Programme” का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। पाँच दिनों तक चले इस कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विधिक शिक्षा की प्रकृति, अध्ययन-पद्धति, संस्थागत सुविधाओं, व्यावसायिक अवसरों तथा विधि विद्यार्थियों के सामाजिक एवं नैतिक दायित्वों से परिचित कराना था।

कार्यक्रम के प्रथम चार दिनों में दिल्ली विश्वविद्यालय सहित विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के विधि शिक्षकों तथा महाविद्यालय के विभिन्न प्रकोष्ठों एवं समितियों से जुड़े शिक्षकों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। प्रथम दिवस पर विद्यार्थियों को विधिक शिक्षा की प्रकृति तथा एक विधि विद्यार्थी के रूप में अपने व्यक्तित्व एवं दृष्टिकोण को विकसित करने के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया। द्वितीय दिवस में मूट कोर्ट, इंटर्नशिप, छात्र कल्याण, छात्रवृत्ति, प्रमाण-पत्र एवं संस्थागत सहायता जैसे विषयों पर विद्यार्थियों को उपयोगी जानकारी दी गई। तृतीय दिवस के सत्रों में विधि अध्ययन में समावेशिता, गुणवत्ता संस्कृति, छात्र फीडबैक, विधि एवं नैतिकता, डिजिटल लर्निंग, ICT सुविधाओं तथा व्यावसायिक नैतिकता जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसी क्रम में चतुर्थ दिवस पर विद्यार्थियों को विधिक जागरूकता, राष्ट्रीय चरित्र के निर्माण में विधि की भूमिका, विधि अध्ययन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी उपयोग, विधि शिक्षा में अवसर एवं चुनौतियों तथा क्लिनिकल लीगल एजुकेशन और विधिक सहायता के विभिन्न आयामों से परिचित कराया गया।

समापन दिवस पर कार्यक्रम में डॉ. सुग्रीव सिंह, डॉ. ब्रह्म देव पाण्डेय, डॉ. रमेश कुमार सिंह, डॉ. सोनल खरे ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने विधि विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनमें अनुशासन, नैतिक मूल्यों, तार्किक चिंतन, सामाजिक संवेदनशीलता एवं व्यावसायिक उत्तरदायित्व के विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि विधि की शिक्षा केवल परीक्षा एवं रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि न्याय, समानता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की प्रक्रिया भी है।

समापन अवसर पर विधि विभाग के संयोजक प्रो. शिव शंकर सिंह ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और अकादमिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। Legal Aid & Services Clinic के Convenor डॉ. रमेश कुमार भारती ने पाँच दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि इस प्रकार के Orientation Programme नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालयीय जीवन तथा विधिक शिक्षा की आवश्यकताओं को प्रारंभ से ही समझने में सहायता करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. अंजलिका ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और पाँच दिवसीय आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी अतिथि वक्ताओं, शिक्षकों, आयोजन से जुड़े सदस्यों तथा विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समापन दिवस का मंच संचालन संस्कृति जायसवाल ने किया, जबकि कार्यक्रम के सफल संचालन में शुभम यादव एवं शौर्य प्रताप सिंह का विशेष सहयोग रहा। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता के साथ पाँच दिवसीय “दीक्षारम्भ cum Orientation Programme” का औपचारिक समापन हुआ।

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