राष्ट्र, धर्म और संस्कृति के महान पुरोधा, श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के प्रणेता और हिंदू हृदय सम्राट श्रद्धेय अशोक सिंघल जी की 100वीं जयंती की पूर्व संध्या पर प्रयागराज के यमुना बैंक रोड स्थित प्रेरणा स्थल पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में पूर्व उपमहापौर एवं प्रांत संयोजक गंगा विचार मंच, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन श्रीमती अनामिका चौधरी निषाद ने अपने सहयोगियों के साथ प्रतिमा स्थल के आस-पास स्वच्छता अभियान चलाया, इसके पश्चात अशोक सिंघल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप-दान किया।
सायंकाल दीपों की रोशनी में पूरा प्रेरणा स्थल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा।
इस अवसर पर अनामिका चौधरी ने कहा कि अशोक सिंघल जी आजीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक और विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। उन्होंने हिंदू समाज को संगठित कर राष्ट्र जागरण का जो कार्य किया वह युगों-युगों तक याद रखा जाएगा।
अशोक जी सिंघल का जन्म 27 सितंबर 1926 को आगरा, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनके पिता श्री महावीर सिंघल शासकीय अधिकारी थे। उन्होंने 1942 में ही काशी हिंदू विश्वविद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा पास की और 1947 में बीएचयू से इंजीनियरिंग (मेटलर्जी) में स्नातक किया। वे आईआईटी बीएचयू के छात्र रहे।
छात्र जीवन से ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए। 1942 में ही प्रचारक बने और संघ के द्वितीय सरसंघचालक पूज्य गुरुजी के सानिध्य में कार्य किया। उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया और आजीवन अविवाहित रहे।
1980 में वे विश्व हिंदू परिषद में आए और 1981 से 2011 तक 30 वर्षों तक इसके अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष रहे। उन्होंने वनवासी क्षेत्रों में सेवा, धर्मांतरण के विरुद्ध जागरूकता, गौ-रक्षा और हिंदू एकता के लिए अभूतपूर्व कार्य किया।
1984 में श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के गठन से लेकर 1990-92 के कारसेवा तक उन्होंने पूरे आंदोलन का नेतृत्व किया। उनके आह्वान पर ही लाखों रामभक्त अयोध्या पहुंचे। अशोक जी को “हिंदुत्व का शेर” कहा जाता था। अटल जी ने उन्हें “हिंदुत्व का अग्रदूत” कहा था।
17 नवंबर 2015 को गुरुग्राम में 89 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार निगमबोध घाट, दिल्ली में किया गया।
अनामिका चौधरी ने कहा कि 2026 उनकी जन्म शताब्दी वर्ष है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा भी उनके चित्र पर डाक टिकट जारी कर उन्हें नमन किया गया है। उनके द्वारा दिखाया गया त्याग और समर्पण का मार्ग हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा है। स्वच्छता के साथ श्रद्धांजलि देना ही उनके सपनों के भारत की ओर एक कदम है।
कार्यक्रम में गंगा विचार मंच के पदाधिकारी जान्हवी निषाद, विजय केशरी, अरूण निषाद, सुयश, राजेश परासर, सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और नागरिक उपस्थित रहे।