पूर्वोत्तर रेलवे में पेयजल की गहन जांच और सतत निगरानी अभियान जारी”

गोरखपुर, 07 अक्टूबर, 2026 : पूर्वोत्तर रेलवे पर रेल यात्रियों और रेल कर्मियों एवं उनके परिजनों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 10,518 ओवरहेड वाटर टैंक की स्थापना की गयी है, जिनका गहन एवं नियमित जांच की जाती है ताकि यात्रियों एवं रेल कर्मियों को स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।
वाराणसी मंडल पर कुल 3004, लखनऊ मंडल पर कुल 3549 तथा इज्जतनगर मंडल पर कुल 3965 ओवरहेड वाटर टैंक स्थापित है, जिनकी नियमित साफ-सफाई निर्धारित समय सीमा के अंदर की जा चुकी है। इन सभी ओवरहेड वाटर टैंकों पर ऑटोक्लोरिनेशन प्लांट की स्थापना की गयी है जो वाटर टैंकों की स्वतः ही क्लोरिनेशन कर देती है, जिससे रेल यात्रियों और रेल कर्मियों एवं उनके परिजनों को शुद्ध, स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त सम्पूर्ण पूर्वोत्तर रेलवे पर पेयजल का अवशिष्ट क्लोरीन तथा बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण निरंतर जारी है। स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा निर्धारित सैंपलिंग प्रोटोकॉल के तहत जल स्रोतों और वितरण बिंदुओं से नमूने संग्रह किये जा रहे हैं। जल टंकियों, वाटर कूलर, यूवी/आरओ सिस्टम, फिल्टर, वाटर टैप और पाइपलाइनों की नियमित सफाई, डिसइंफेक्शन और प्रिवेंटिव मेंटेनेंस भी किया जा रहा है। चिकित्सा और इंजीनियरिंग विभाग की टीमें निर्धारित समय-सारणी के अनुसार इनका निरीक्षण एवं अनुरक्षण कर रही हैं।
रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की सेहत एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रेलवे स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों, कार्यालयों एवं अन्य संबंधित स्थानों से पेयजल के नमूनों का व्यापक परीक्षण अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत नियमित एवं विशेष जांच के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता की गहन जांच की जा रही है। प्रयोगशालाओं में जल के नमूनों का रासायनिक एवं जीवाणु संबंधी परीक्षण किया जा रहा है ताकि जल शुद्धता की निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।
जल स्रोतों की नियमित सफाई, जल शोधन व्यवस्थाओं का निरंतर निरीक्षण तथा आवश्यकतानुसार त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। यात्रियों एवं कर्मचारियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना रेलवे प्रशासन की प्राथमिकताओं में से एक है। अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं तथा निगरानी व्यवस्था को और सशक्त किया गया है।

Related posts

Leave a Comment