नैनी-प्रयागराज/ मीरी पीरी दे मालिक अद्वितीय शौर्य के प्रतीक सिख धर्म के छठवें गुरु धन धन साहिब श्री गुरु हर गोबिंद साहिब जी के पावन पवित्र प्रकाश पर्व पर नैनी गुरुद्वारा संगत श्रद्धा भाव के साथ गुरबाणी से सराबोर हो रहा था साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे संगतो का प्रातः काल से ही मत्था टेककर आशीर्वाद लेने वालों का सिलसिला बराबर चलता रहाl रागी जत्थों ने शब्द-कीर्तन सुना कर संगत को निहाल किया गुरुद्वारे में गुरु नाम की गूंज होती रही।
शबद कीर्तन,गुरु इतिहास,अरदास,हुक्मनामा उपरांत मिस्से प्रशादे व लस्सी का अटूट लंगर वितरित हुआ।
सरदार पतविन्दर सिंह ने कहा कि गुरू जी ने अध्यात्म के साथ-साथ आत्मरक्षा एवं न्याय के लिए शस्त्र धारण करने की परंपरा की शुरुआत की,उनका जीवन सेवा, धर्मरक्षा और साहस का अप्रतिम उदाहरण है, जो आज भी संपूर्ण मानवता को कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
सर्वश्री ज्ञानी निहाल सिंह, दवेन्द्र सिंह,कमल गुलाटी,
परमिंदर सिंह बंटी,सरदार पतविंदर सिंह,चरनजीत सिंह,सुरेंद्र सिंह,लखविंदर जग्गी,जगजीत सिंह गोल्डी,गुरूनाम सिंह,जसवीर सिंह सोढ़ी,रमेश चंद्र खरबंदा, कुलदीप सिंह,उमाशंकर सहित बड़ी संख्या मे सेवादार श्रद्धालु की सेवा सत्कार में प्रयत्नशील रहेl
नैनी गुरुद्वारा मे मिस्से प्रशादे व लस्सी का अटूट लंगर वितरित हुआ