1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर सेनानी वीरांगना उदा देवी पासी ने लखनऊ के सिकंदराबाद की लड़ाई में एक पेड़ पर चढ़कर 36 ब्रिटिश सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया था, उक्त उद्गार रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत डुमरी स्थित सपा जन संपर्क कार्यालय पर आयोजित ऊदा देवी पासी एवं समाजवादी पुरोधा किशन पटनायक के जयंती कार्यक्रम में व्यक्त करते हुए सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि उदा देवी पासी अवध के नवाब वाजिद अली शाह की बेगम हज़रत महल की सेना में महिला ब्रिगेड की सदस्य और एक जांबाज योद्धा थीं। चिनहट की लड़ाई में अपने पति मक्का पासी के वीरगति को प्राप्त होने के बाद, उन्होंने अंग्रेजों से बदला लेने का संकल्प लिया और 36 अंग्रेज सैनिकों को मार गिराया।उन्हें उनकी वीरता और अदम्य साहस के लिए “ब्लैक टाइग्रेस” के नाम से जाना जाता है।
समाजवादी पुरोधा किशन पटनायक को उनकी जन्म जयंती पर याद करते हुए सपा के पूर्व प्रवक्ता एवं चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि किशन पटनायक ने समाजवादी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। वे डॉक्टर राम मनोहर लोहिया के विचारों से अत्यधिक प्रभावित थे और लोहियावादी समाजवाद के प्रमुख प्रवक्ताओं में गिने जाते थे। वर्ष 1962 में वे लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए और संसद में गरीबों, किसानों, मजदूरों तथा वंचित वर्गों की आवाज़ बुलंद किए।
उक्त जयंती कार्यक्रम में उपस्थित सुरेश नारायण सिंह, श्यामराज कन्नौजिया, शंकर गोंड, रामप्यारे यादव,अभिषेक गुड्डू गोंड, नवल किशोर यादव,अयोध्या वर्मा, लक्ष्मी यादव, पारस प्रसाद,विनोद यादव, महेश गोंड, व्यास यादव, गोविन्द यादव,लोरिक यादव,मुस्तकीम, अशोक यादव,दयानंद यादव आदि ने प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन की महान नायिका उदा देवी पासी एवं समाजवादी पुरोधा किशन पटनायक को उनकी जन्म-जयंती पर याद करते हुए नमन किया।
उदा देवी पासी का बलिदान अतुलनीय – चंद्रभूषण सिंह यादव