कॉक्लियर इम्प्लांट योजना के अंतर्गत लाभार्थी बच्चों के चिन्हांकन एवं योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के संबंध में मंडलायुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में मंडल के समस्त मुख्य विकास अधिकारियों, मुख्य चिकित्साधिकारियों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रवण बाधित बच्चों की समयबद्ध पहचान सुनिश्चित करते हुए उन्हें योजना का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान मंडलायुक्त ने कॉक्लियर इम्प्लांट को आधुनिक चिकित्सा तकनीक के रूप में श्रवण बाधित बच्चों के लिए अत्यंत प्रभावी एवं उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इस तकनीक के माध्यम से बच्चों में सुनने एवं बोलने की क्षमता का विकास संभव हो रहा है, जिससे उनके सामाजिक, शैक्षिक एवं मानसिक विकास को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने निर्देशित किया कि मंडल में अधिक से अधिक पात्र बच्चों को योजना से लाभान्वित किए जाने हेतु समन्वित, संवेदनशील एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजन बच्चों के समग्र पुनर्वास, प्रारंभिक पहचान, उपचार तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी संचालन कर रही है। इसी क्रम में कॉक्लियर इम्प्लांट योजना श्रवण बाधित बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रही है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजन बच्चों के लिए निःशुल्क उपचार, सहायक उपकरण वितरण, प्रारंभिक हस्तक्षेप सेवाएं, विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास संबंधी सुविधाओं को भी निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है।
बैठक में छह वर्ष तक आयु वर्ग के ऐसे बच्चों की प्राथमिकता के आधार पर पहचान कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिन्हें योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जा सकता है। सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पात्र बच्चों के दिव्यांग प्रमाण पत्र शीघ्र जारी कर आवश्यक विवरण संबंधित विभाग को उपलब्ध कराया जाए, जिससे उन्हें समयबद्ध रूप से योजना का लाभ प्रदान किया जा सके।
मंडलायुक्त ने सभी जनपदों में व्यापक जागरूकता अभियान संचालित करते हुए अधिक से अधिक पात्र बच्चों तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश भी दिए।