गोकुल शाखा माधव नगर प्रयाग दक्षिण में हिंदू साम्राज्य दिवस पर भव्य उत्सव में वीर शिवाजी को किया नमन

प्रयागराज, 27 जून 2026: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की माधव नगर प्रयाग दक्षिण स्थित गोकुल शाखा में शुक्रवार को छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्म जयंती के अवसर पर हिंदू साम्राज्य दिवस उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में माननीय संघचालक विजय जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन सह नगर कार्यवाह डॉ. पंकज जी ने किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विभाग शारीरिक प्रमुख श्री शिव प्रकाश जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्मदिन को अपने प्रमुख उत्सवों में से एक हिंदू साम्राज्य दिवस के रूप में ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी के दिन मनाता है। सन 1600 में अवतरित हुए छत्रपति शिवाजी महाराज को माता जीजाबाई ने धर्ममय पालन-पोषण के साथ शिक्षा-दीक्षा, युद्ध कौशल एवं कूटनीति की शिक्षा दी।”
उन्होंने शिवाजी के व्यक्तित्व एवं पराक्रम का विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने अफजल खान वध का उल्लेख करते हुए बताया कि “शिवाजी महाराज ऐसे अपराजेय शासक थे जिन्होंने कोई युद्ध नहीं हारा। जब औरंगजेब ने अफजल खान को विशाल सेना के साथ भेजा, तो शिवाजी ने परिस्थिति प्रतिकूल देखकर प्रतीक्षा की नीति अपनाई। अफजल खान के संधि प्रस्ताव के पीछे की मंशा को समझने में देर नहीं लगाया और किले में मिलने के दौरान, शिवाजी महाराज ने बघनखा पहनकर अपनी रक्षा की तैयारी की और छल-बल के युद्ध कौशल से विजय प्राप्त कर अपने साम्राज्य का विस्तार किया। उन्होंने हिंदू पद पादशाही की स्थापना कर स्वराज एवं सुराज का शासन दिया।”

कार्यक्रम की अध्यक्षता इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री शाश्वत किशोर जी ने की। उन्होंने भी शिवाजी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान परिस्थितियों में उनके आदर्शों की प्रासंगिकता को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने में
गोकुल शाखा के शाखा कार्यवाह श्री अतुल जी के साथ -साथ,श्री हरिश्चंद्र जी,श्री कृपाशंकर जी श्री अभय जी दीपक जी विशाल जी सचिन जी एवं राजू जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम में विभाग कुटुंब संयोजक श्री नरेंद्र जी,नगर शारीरिक प्रमुख श्री शिव प्रकाश जी*श्री विवेक जी*, श्री शरद जी, श्री अवनीश जी सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। व्यवस्था में श्री श्यामसुंदर जी का विशेष योगदान रहा।

कार्यक्रम में कुल 120 स्वयंसेवकों ने सहभाग किया, जिसमें मातृशक्ति एवं छोटे-छोटे बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्री शिव प्रकाश जी के उद्बोधन से उपस्थित जनों में राष्ट्र के प्रति उत्साह एवं गौरव का भाव स्पष्ट दिखाई दिया।

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