अखिल रेल हिंदी निबंध, हिंदी टिप्पण एवं प्रारूप लेखन तथा हिंदी वाक् प्रतियोगिता-2025 के पुरस्कार वितरण का आयोजन

गोरखपुर, 03 सितम्बर, 2026: रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) के तत्त्वावधान तथा महाप्रबन्धक, पूर्वोत्तर रेलवे श्री उदय बोरवणकर की अध्यक्षता में 03 सितम्बर, 2026 को रेलवे प्रेक्षागृह, गोरखपुर में अखिल रेल हिंदी निबंध, हिंदी टिप्पण एवं प्रारूप लेखन तथा हिंदी वाक् प्रतियोगिता-2025 के पुरस्कार वितरण का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। तत्पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपर महाप्रबन्धक श्री विनोद कुमार शुक्ल, प्रमुख विभागाध्यक्ष, रेलवे बोर्ड की निदेशक/राजभाषा डॉ० वी. सुगुणा, उप निदेशक/राजभाषा श्रीमती अंजु गेरा, सहायक निदेशक/राजभाषा श्री जितेन्द्र कुमार झा, रेलवे बोर्ड के अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रीय रेलों के प्रतिभागी उपस्थित थे।

इस अवसर पर महाप्रबन्धक श्री उदय बोरवणकर ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे सहित भारतीय रेल में राजभाषा का प्रचार-प्रसार होता रहे। श्री बोरवणकर ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का जिक्र करते हुये कहा कि इस रेलवे की कला समिति में एक से बढ़कर एक मणि हैं। साथ ही उन्होंने कला समिति के कलाकारों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। महाप्रबन्धक ने हिंदी भाषा की महत्ता पर प्रकाश डाला तथा कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से हिंदी को बढ़ावा मिल रहा है और हिंदी भाषा के माध्यम से हम अपने व्यक्तित्व को निखार सकते हैं। श्री बोरवणकर ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे में राजभाषा हिंदी का केवल प्रचार-प्रसार नहीं किया जाता बल्कि विभिन्न अवसरों पर इसे उत्सव की तरह मनाया जाता है। साथ ही महाप्रबन्धक ने शास्त्रीय संगीत की विभिन्न विधाओं पर भी प्रकाश डाला।

इसके पूर्व, प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबन्धक एवं मुख्य राजभाषा अधिकारी श्री प्रकाश चन्द्र जायसवाल ने कहा कि विगत दो दिनों के दौरान राजभाषा की विभिन्न प्रतियोगितायें सफलतापूर्वक सम्पन्न हुईं और आज इन प्रतियोगिताओं में सफल हुये प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जायेगा। श्री जायसवाल ने कहा कि भारतीय रेल ने केवल उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम को आपस में जोड़ती है बल्कि विभिन्न संस्कृतियों एवं भाषाओं को भी एक सूत्र में पिरोती हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी अपने कार्यालयी कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करें तथा हिंदी को विश्व भाषा के रूप में स्थापित करें।

अखिल रेल हिंदी निबंध प्रतियोगिता में दक्षिण-पूर्व रेलवे की कार्यालय अधीक्षक/प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर कार्यालय/गार्डन रीच श्रीमती रूपाली नायक- प्रथम, आर.डी.एस.ओ., लखनऊ की आशुलिपिक ग्रेड-।/मालडिब्बा निदेशालय श्रीमती स्वर्णा अस्थाना- द्वितीय तथा पूर्व रेलवे की तकनीशियन-।/जमालपुर कारखाना श्रीमती सुनिधि कुमारी- तृतीय स्थान पर रहीं। अखिल रेल हिंदी टिप्पण एवं प्रारूप लेखन प्रतियोगिता में पूर्व तट रेलवे के दक्षता निरीक्षक/सामान्य प्रशासन/मुख्यालय श्री संतोष दास- प्रथम, दक्षिण-पूर्व रेलवे के कनिष्ठ इंजिनियर/विद्युत (सामान्य)/हटिया (राँची) श्री प्रशांत किसलय- द्वितीय तथा पश्चिम रेलवे के गोपनीय सहायक/वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर कार्यालय (रतलाम मंडल) श्री जनार्दन कुमार- तृतीय स्थान पर रहे। अखिल रेल हिंदी वाक् प्रतियोगिता में चितरंजन रेल इंजन कारखाना के कनिष्ठ लिपिक/सुरक्षा विभाग श्री कल्याण मुखर्जी- प्रथम, पश्चिम रेलवे के मुख्य कार्यालय अधीक्षक (रतलाम मंडल) श्रीमती लीना नागदे- द्वितीय तथा मध्य रेलवे के कनिष्ठ आशुलिपिक/मंडल रेल प्रबन्धक कार्यालय (नागपुर मंडल) श्री चेतन आनंद गौर- तृतीय स्थान पर रहे। इनके अतिरिक्त तीनों प्रतियोगिताओं में 05-05 सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किये गये।

कार्यक्रम में राजभाषा अधिकारी-सह-वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी/मुख्यालय श्री गोपाल प्रसाद गुप्ता ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अनुवादक श्रीमती अनामिका सिंह, श्रीमती रचना श्रीवास्तव एवं श्री आसिफ जहीर ने सम्मिलित रूप से किया।

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