राजभाषा ‘हिंदी‘ के प्रचार-प्रसार हेतु 16 से 28 सितम्बर, 2026 तक आयोजित

गोरखपुर, 16 सितम्बर, 2026ः पूर्वाेत्तर रेलवे मुख्यालय, गोरखपुर में राजभाषा विभाग के तत्त्वावधान में
तथा प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबन्धक एवं मुख्य राजभाषा अधिकारी श्री प्रकाश चन्द्र जायसवाल के निर्देशन में
राजभाषा ‘हिंदी‘ के प्रचार-प्रसार हेतु 16 से 28 सितम्बर, 2026 तक आयोजित होने वाले हिंदी पखवाड़ा-2026 के
प्रथम दिन 16 सितम्बर, 2026 को उप मुख्य राजभाषा अधिकारी श्री मनोज मिश्रा के मुख्य आतिथ्य में साहित्यिक
संगोष्ठी का आयोजन रेलवे अधिकारी क्लब, गोरखपुर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ उप मुख्य राजभाषा
अधिकारी श्री मनोज मिश्रा एवं उपस्थित वक्ताओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं माँ सरस्वती के चित्र पर मल्यापर्ण कर
किया। इस अवसर पर विशिष्ट वक्ता सेंट एंड्रयूज कालेज, गोरखपुर के हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. आनन्त कीर्ति
तिवारी एवं दीनदयाल उपाध्याय, गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अनिल कुमार राय
एवं राजभाषा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अनुवादक एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उप मुख्य राजभाषा अधिकारी श्री मनोज मिश्रा ने कहा कि भारतेंदु
हरिश्चंद्र हिंदी नवजागरण के अग्रदूत थे। उन्होंने हिंदी में नव जागरण का संदेश लेकर अवतरित हुए। हिंदी भाषा एवं
समाज के निर्माण में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
इससे पूर्व, राजभाषा अधिकारी श्री गोपाल प्रसाद ने हिन्दी दिवस पर रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी द्वारा
दिये संदेश का वाचन किया। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में हिंदी ने पूरे देश में एक महत्वपूर्ण संपर्क भाषा के
रूप में अपनी भूमिका निभाई थी। हिंदी के इसी महत्व को देखते हुए हमारे संविधान निर्माताओं ने 14 सितम्बर,
1949 को हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में दर्जा दिया। इसी उपलक्ष्य में भारत सरकार के प्रत्येक कार्यालय में
हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी क्रम में पूर्वाेत्तर रेलवे में प्रतिवर्ष हिंदी दिवस के अवसर पर अनेक
कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं में सेंट एंड्रयूज कालेज, गोरखपुर के प्रोफेसर आनन्द कीर्ति तिवारी ने हिंदी
नवजागरण के अग्रदूत भारतेंदु हरिश्चंद्र के जीवनी एवं हिंदी नवजागरण एवं पुनर्जागरण विषय पर विस्तृत व्याख्यान
दिया। उन्होंने देश की आजादी में हिन्दी के योगदान पर प्रकाश डाला। दीनदयाल उपाध्याय, गोरखपुर विश्वविद्यालय
के प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार राय ने भी हिंदी नवजागरण के अग्रदूत भारतेंदु हरिश्चंद्र की जीवन परिचय, साहित्यिक
योगदान एवं प्रमुख रचनाओं पर विस्तृत व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अनुवादक/प्रभारी श्रीमती अनामिका सिंह ने किया। उपस्थित श्रोतागण भारतेंदु
हरिश्चंद्र के जीवन परिचय से लाभान्वित हुए।
इसी क्रम में, 17 सितम्बर, 2026 को 15.30 बजे से प्रमुख मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर
कार्यालय के सभाकक्ष में हिंदी कार्यशाला का अयोजन किया जायेगा।

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