लालगोपालगंज। प्रदेश में भाजपा सरकार जहां भू-माफिया और चोरों पर सख्ती की बात करती है, वहीं लालगोपालगंज में कबाड़ की दुकानों पर चोरी का सामान खुले तौर पर खरीदा-बेचा जा रहा है। कबाड़ी कारोबारी बेखौफ होकर धड़ल्ले से चोरी के सामान का कारोबार कर रहे हैं, मानो इन्हें कानून का कोई डर ही न हो।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कस्बे और आसपास के इलाकों में लोहे से लेकर पीतल, तांबा और अन्य कीमती धातुओं का चोरी का सामान कबाड़ की दुकानों पर आसानी से खपाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक रात में होने वाली चोरियों का माल सुबह होते ही इन दुकानों पर पहुंच जाता है। कई बार घरों से चोरी हुए हैंडपंप, बिजली के तार, नल की टोंटी और सरकारी संपत्ति तक कबाड़ियों के पास मिलती है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा कारोबार खुलेआम चल रहा है। दुकानदार न तो सामान बेचने वाले से आईडी मांगते हैं और न ही बिल देते हैं। चोरी का माल औने-पौने दाम पर खरीदकर बाद में बड़े शहरों में भेज दिया जाता है।
इससे चोरों के हौसले और भी बुलंद हैं। लोग घर से निकलने में डरते हैं क्योंकि छोटा-मोटा सामान तक सुरक्षित नहीं है।
लोगों ने मांग की है कि जिला प्रशासन और पुलिस लालगोपालगंज की सभी कबाड़ दुकानों की सघन जांच कराए। हर खरीद-बिक्री का रजिस्टर मेंटेन कराना अनिवार्य किया जाए और बिना पहचान पत्र के सामान खरीदने-बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो चोरी की घटनाएं और बढ़ेंगी।