गोरखपुर, 12 अक्टूबर, 2026ः रेल यात्रियों एवं कर्मचारियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के
उद्देश्य से पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा रेलवे स्टेशनों, कार्यालयों एवं आवासीय कॉलोनियों में पानी की टंकियों, वाटर कूलर,
टैप, फिल्टर, वितरण बिंदुओं तथा पाइप लाइनों की निरन्तर निगरानी एवं रखरखाव को प्राथमिकता दी गई है। मुख्य
स्वास्थ्य निरीक्षकों/स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा पेयजल को सुरक्षित बनाने हेतु अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण, जीवाणु
संवर्धन परीक्षण एवं रासायनिक विश्लेषण नियमित रूप से किये जा रहे हैं। रेल यात्रियों और कर्मचारियों को शुद्ध
पेयजल उपलब्ध कराना रेल प्रशासन की प्राथमिकताओं में से एक है और यह कार्य अभियान के रूप में निरन्तर
चलता रहेगा।
लखनऊ मंडल पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मंडल चिकित्सालय/बादशाहनगर डॉ० रमेश चन्द तथा अपर मंडल रेल
प्रबन्धक/इन्फ्रा श्री भुवनेश सिंह के संयुक्त निर्देशन में मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षकों/स्वास्थ्य निरीक्षकों ने 11 प्रमुख स्टेशनों
से कुल 156 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण तथा 03 जीवाणु संवर्धन परीक्षण किये, जांचोपरान्त सभी जल नमूने
निर्धारित मानकों के अनुरूप उपयुक्त पाये गये। इसी प्रकार, इज्जतनगर मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर निरन्तर अवशिष्ट
क्लोरीन परीक्षण एवं जीवाणु संर्वधन परीक्षण किये जा रहे हैं। वाराणसी मंडल के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षकों/स्वास्थ्य
निरीक्षकों द्वारा स्टेशनों, आवासीय कॉलोनियों, कोचिंग डिपो, चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य केंद्रों, रनिंग रूम, क्रू लॉबी
तथा कार्यालयों में पानी की टंकियों, वाटर कूलर, वाटर फिल्टर, पाइप लाइनों एवं पंपिंग प्रणाली की जाँच की गई।
पूर्वोत्तर रेलवे के सभी स्टेशनों, आवासीय कॉलोनियों एवं कार्यालयों में शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करने के लिये यह जाँच
अभियान निरंतर जारी रहेगा। स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा नियमित परीक्षण किये जा रहे हैं, ताकि यात्रियों और
कर्मचारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
रेल यात्रियों एवं कर्मियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना रेल प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इसके लिये जल
गुणवत्ता की निगरानी निरन्तर जारी रहेगी।