Crude Oil की महंगाई और West Asia War के बीच Dollar के आगे कमजोर हुआ Rupee

सप्ताह की शुरुआत भारतीय मुद्रा बाजार के लिए कुछ दबाव भरी रही। सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 12 पैसे कमजोर होकर खुला। बाजार के जानकारों का मानना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने रुपये पर दबाव बढ़ा दिया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 96.53 के स्तर पर खुला और शुरुआती कारोबार में 96.42 प्रति डॉलर पर कारोबार करता दिखाई दिया। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 96.30 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। उस दिन घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल और अमेरिकी सरकारी बॉन्ड प्रतिफल में नरमी के कारण रुपये को कुछ मजबूती मिली थी, लेकिन सप्ताह की शुरुआत में वैश्विक परिस्थितियों ने बाजार की दिशा बदल दी है।

 

बाजार जानकारों का कहना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से लगातार पूंजी निकासी भी रुपये की कमजोरी का एक बड़ा कारण बनी है। जब विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकालते हैं, तब डॉलर की मांग बढ़ती है और इसका सीधा असर रुपये की विनिमय दर पर पड़ता है।

 

गौरतलब है कि कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला है। वैश्विक मानक ब्रेंट कच्चा तेल वायदा कारोबार में 2.45 प्रतिशत बढ़कर 90.26 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। ऊर्जा आयात पर अधिक निर्भर भारत जैसे देशों के लिए कच्चे तेल की महंगाई का सीधा असर आयात बिल, महंगाई और रुपये की मजबूती पर पड़ता है।

 

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। मौजूद जानकारी के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। हाल ही में संघर्ष समाप्त करने के लिए हुआ अंतरिम समझौता विफल होने के बाद दोनों देशों के बीच हालात और गंभीर हो गए हैं। अमेरिका ने ईरान पर नए हवाई हमले किए हैं, जबकि ईरान ने जॉर्डन की दिशा में मिसाइलें दागी हैं। वहीं बहरीन ने भी संभावित मिसाइल हमले की आशंका को देखते हुए चेतावनी सायरन सक्रिय कर दिए हैं। इन घटनाओं के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

 

हालांकि अमेरिकी डॉलर सूचकांक में हल्की कमजोरी दर्ज की गई और यह 100.54 पर रहा, लेकिन इससे रुपये को कोई खास राहत नहीं मिली। दूसरी ओर घरेलू शेयर बाजार भी दबाव में नजर आया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 593.78 अंक गिरकर 77,557.67 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 169.20 अंक टूटकर 24,165.10 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।

 

बता दें कि शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 376.41 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी। वहीं भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक 10 जुलाई को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 96.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 675.157 अरब डॉलर हो गया है। इससे पहले वाले सप्ताह में भी विदेशी मुद्रा भंडार में 7.26 अरब डॉलर की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। हालांकि फिलहाल वैश्विक तनाव और महंगे कच्चे तेल का असर भारतीय मुद्रा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।

Related posts

Leave a Comment