शवदाह गृह निर्माण में हों रहें विलम्ब को लेकर क्षेत्रीय नेताओं एवं नागरिकों में आक्रोश

शीघ्र समाधान नहीं तो होगा संघर्ष

नैनी, प्रयागराज। क्षेत्रीय पार्षदो, भाजपा नेताओं एवं क्षेत्रीय नागरिकों में नैनी में स्वीकृत शवदाह गृह जिसका शिलान्यास महापौर गणेश केसरवानी द्वारा हो चुका है के बावजूद निर्माण मे हो रहें विलम्ब को लेकर भारी आक्रोश है।
गुरुवार को ओमेक्स द्वारा शवदाह गृह निर्माण हेतु अपनी जमीन देने की पेशकश व बुलाने पर लोगों के साथ पहुंचे पार्षदों को मवैया बस्ती में जमीन दिखाई गई जहां रिहायशी बस्ती है, जिसे देखते ही लोग भड़क उठे। लोगों ने ओमेक्स द्वारा गुमराह करने का आरोप लगाते हुए पूर्व में स्वीकृत जगह पर ही शवदाह गृह निर्माण कराने का निर्णय लिया। इस सम्बन्ध में हुई बैठक में पार्षद रणविजय सिंह ने कहा कि पूर्व में शवदाह गृह निर्माण हेतु जहां भूमि पूजन हो चुका है उस भूमि पर आपत्ति की जांच हेतु गठित टीम द्वारा भ्रमित व गुमराह करने वाली रिपोर्ट लगाई गई है। टीम के अनुसार स्वीकृत शवदाह गृह निर्माण स्थल की भूमि आवासीय दर्शाई गई है जबकि यह भूमि उच्चतम बाढ़ बिन्दु 500 मीटर के अन्दर है। उस भूमि पर भवन निर्माण के लिए प्रयागराज विकास प्राधिकरण नक्शा पास करने से मना करता है फिर आश्चर्य की बात है कि जब आवास बन ही नहीं सकता तो मास्टर प्लान 2031 में यह भूमि आवासीय कैसे घोषित कर दी गई।
पार्षद मयंक यादव ने कहा कि ऐसा लगता है कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण, डीपीएस, ओमेक्स, व जिला प्रदूषण नियंत्रण इकाई की मिली भगत से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है। पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा युवा मोर्चा नर सिंह ने कहा कि इस गंभीर भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होना नितान्त आवश्यक है। पार्षद प्रेमशंकर यादव ने कहा कि जब नदी किनारे डीपीएस स्कूल बन सकता है एवं ओमेक्स द्वारा निर्माण कराया जा सकता है तो नदी किनारे शवदाह गृह निर्माण क्यों नहीं हो सकता। शवदाह गृह निर्माण में हों रही देरी को लेकर क्षेत्रवासियों का कहना है कि नैनी क्षेत्र की लगभग 5 लाख की आवादी जिन्हें अन्तिम संस्कार के लिए शहर जाना पड़ता है। लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए शवदाह गृह निर्माण हेतु शीघ्र ही रणनीति बनाकर व्यापक संघर्ष छेड़ने की चेतावनी दी है।
इस अवसर पर यमुनापार विकास संघर्ष समिति के भगवती प्रसाद पाण्डेय, गजेन्द्र प्रताप सिंह, शौमिक सरकार, दिनेश विश्वकर्मा, अवन्तिका विकास समिति के अनिल द्विवेदी, जितेन्द्र सिंह, पप्पू दुबे आदि लोग उपस्थित रहे।

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