’न्यायमूर्ति गौतम चौधरी बोले—शिक्षक समाज का निर्माता, प्रतिभाओं को तराशना उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी
प्रयागराज। शिक्षक दिवस के अवसर पर राजर्षि टंडन सेवा केंद्र, बैंक रोड में आयोजित समारोह में दिव्यांग शिक्षकों एवं दिव्यांगजनों के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 35 शिक्षकों को ‘अष्टावक्र गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति गौतम चौधरी रहे।अपने संबोधन में न्यायमूर्ति चौधरी ने कहा कि शिक्षक समाज का सबसे बड़ा निर्माता है और प्रतिभाओं को तराशना उसकी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सशक्त भारत का निर्माण सभी वर्गों को साथ लेकर चलने से ही संभव है। उन्होंने हिंदी को भारत की आत्मा और अंग्रेजी को वैश्विक संवाद का माध्यम बताते हुए कहा कि केवल अंग्रेजी बोलना विद्वता का प्रमाण नहीं है। उन्होंने राष्ट्रभक्ति को सत्य और कर्तव्य से जोड़ते हुए शिक्षकों से आत्ममूल्यांकन का आह्वान किया।समारोह में डॉ. श्याम सुंदर मिश्रा, डॉ. निहार रंजन, डॉ. विवेक नाथ त्रिपाठी, संतोष शर्मा, पुनिता मिश्रा, सुक्रित माथुर और शिव प्रसाद त्रिपाठी सहित 35 शिक्षकों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता लोक सेवक मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चोपड़ा ने की। विशिष्ट अतिथि उपनिदेशक दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग अभय कुमार श्रीवास्तव ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे प्रयागराज के लिए गौरवपूर्ण बताया। संचालन ब्रह्मप्रकाश तिवारी ने किया, जबकि स्वागत रविशंकर मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन श्रीनारायण यादव एवं चंद्रभान द्विवेदी ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।