गर्भवती से नौनिहाल तक, पोषण की पूरी कड़ी पर रहेगी नजर

पोषण ट्रैकर पर 1.79 लाख लाभार्थी पंजीकृत, टीएचआर के समयबद्ध वितरण और गुणवत्ता की नियमित निगरानी के निर्देश
कानपुर नगर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित हुई। जिलाधिकारी ने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों तक पोषण सेवाओं का लाभ समय से पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। शासन की कल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए और कोई भी पात्र लाभार्थी इनके लाभ से वंचित न रहे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति सिन्हा ने बताया कि पोषण ट्रैकर एप पर जनपद में कुल 1,79,159 लाभार्थी पंजीकृत हैं। इनमें 10,070 धात्री माताएं, 13,570 गर्भवती महिलाएं, छह माह तक के 10,087 बच्चे, छह माह से तीन वर्ष आयु वर्ग के 90,229 बच्चे तथा तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के 55,153 बच्चे शामिल हैं। पोषण ट्रैकर के माध्यम से लाभार्थियों को दी जा रही सेवाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को उपलब्ध कराए जाने वाले टेक होम राशन (टीएचआर) के वितरण की विशेष रूप से समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि पात्र लाभार्थियों को अनुपूरक पोषाहार के रूप में फोर्टिफाइड गेहूं दलिया, फोर्टिफाइड चावल, चना दाल एवं फोर्टिफाइड खाद्य तेल उपलब्ध कराया जाता है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक निर्धारित मात्रा में गुणवत्तापूर्ण पोषाहार समय से पहुंचे। इसकी उपलब्धता, गुणवत्ता एवं वितरण की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की नियमित उपस्थिति के साथ उनका वजन एवं लंबाई निर्धारित समय पर दर्ज करने के निर्देश दिए। कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की समय से पहचान कर उनकी नियमित निगरानी की जाए। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर उनका स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक उपचार सुनिश्चित कराया जाए। जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, विद्युत सहित अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की स्थिति की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोषण ट्रैकर पर आंकड़े दर्ज करने तक ही प्रक्रिया सीमित न रहे। योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं और बच्चों तक पहुंचने के साथ उनके पोषण स्तर में वास्तविक सुधार दिखाई देना चाहिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रीति सिन्हा, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए आलोक कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी एपी रस्तोगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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