दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं क्षेत्रीय नेत्र संस्थान मनोहर दास नेत्र चिकित्सालय, प्रयागराज, मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज, प्रयागराज के संयुक्त तत्वाधान में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के विशेष अभियान के अन्तर्गत स्क्विंट (भेंगापन) पहचान एवं निःशुल्क शल्य चिकित्सा अभियान शिविर का शुभारंभ दिनांक 02 जुलाई 2026 को क्षेत्रीय नेत्र संस्थान मनोहर दास नेत्र चिकित्सालय, प्रयागराज में किया गया। यह विशेष अभियान प्रयागराज मण्डल की आयुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल की पहल एवं मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य प्रयागराज मण्डल मे भेंगापन से पीडित बच्चों एवं अन्य पात्र रोगियों की समय पर पहचान कर उन्हें निःशुल्क विशेषज्ञ उपचार एवं शल्य चिकित्सा उपलब्ध कराना है. जिससे उनकी दृष्टि आत्मविश्वास एवं जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविर में रोगियों का परीक्षण डॉक्टर एस० पी० सिंह डॉ० संतोष कुमार, डॉ० छमा द्विवेदी, डॉ० आरती सिंह, डॉ० विभा सिंह, डॉ० जितेंद्र सिंह एवं जूनियर डॉ० द्वारा किया गया तथा शल्य चिकित्सा हेतु पात्र रोगियों का चयन किया गया। चयनित रोगियों की स्क्विंट सर्जरी प्रोफेसर एस० पी० सिंह, पूर्व प्राचार्य एवं पूर्व निदेशक, एम.एल.एन मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज व अन्य चिकित्सको द्वारा की जाएगी। प्रो० सिंह ने कहा कि भेंगापन का समय पर उपचार न केवल दृष्टि हानि (Amblyopi) को रोकने में सहायक होता है, बल्कि बच्चों के मानसिक एवं सामाजिक विकास के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर चिकित्सकों ने अभिभावकों से अपील की कि यदि किसी बच्चे की आँखें टेढी दिखाई दें, दोहरा दिखाई दे अथवा सिर झुकाकर देखने की आदत हो, तो इसे सामान्य न समझें और शीघ्र नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लें। समय पर पहचान और उपचार से अधिकांश मामलों में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के विशेषज्ञों ने बताया कि यह विशेष अभियान प्रयागराज मंडल की आयुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल के मार्गदर्शन में एवं उपनिदेशक, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, प्रयागराज मण्डल, प्रयागराज श्री अभय कुमार श्रीवास्तव के सहयोग एवं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के माध्यम से जनपद में अधिक से अधिक बच्चों तक पहुँचने का प्रयास है, ताकि कोई भी बच्चा केवल जानकारी या संसाधनों के अभाव में उपचार से वंचित न रहे।
शिविर में रोगियों का निःशुल्क पंजीकरण, नेत्र परीक्षण एवं आवश्यकतानुसार 03 बच्चों को शल्य चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। बड़ी संख्या में बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने शिविर का लाभ उठाया तथा इस जनहितकारी पहल की सराहना की।