कानपुर गुड्स शेड एवं पनकीधाम से माल लदान में महत्वपूर्ण उपलब्धियां

 पहली बार कानपुर गुड्स शेड से 20 BCN वैगन मक्का लदान
 पनकीधाम से बांग्लादेश के रोहनपुर के लिए 21 BCN में डिआयल केक का लदान
 पनकी धाम से सिलचर के लिए 4 वैगन में चावल लदान

प्रयागराज मंडल द्वारा माल परिवहन को बढ़ावा देने, नए ग्राहकों को रेल परिवहन से जोड़ने तथा गुड्स शेड की उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज, श्री रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व तथा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (फ्रेट), श्रीमती शीरत फ़ातिमा के पर्यवेक्षण में माल लदान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं।

इसी क्रम में उप मुख्य यातायात प्रबंधक, कानपुर, श्री अकांशु गोविल के निर्देशन में केंद्रीय माल गोदाम, कानपुर से पिछले चार वर्षों में पहली बार 20 BCN वैगनों में मक्का का लदान किया गया। इस लदान से रेलवे को ₹16,64,458 का मालभाड़ा राजस्व प्राप्त हुआ। केंद्रीय माल गोदाम, कानपुर से मक्का की यह पहली रेल लोडिंग है, जो इस क्षेत्र में रेल माल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इसी क्रम में पनकीधाम गुड्स शेड की नवनिर्मित लाइन संख्या 15 से पहली बार माल लदान शुरू हुआ। इस लाइन से पनकीधाम से रोहनपुर (बांग्लादेश) के लिए 21 BCN वैगनों में डि-आयल केक का लदान किया गया। इस लदान से रेलवे को लगभग ₹24 लाख का मालभाड़ा राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।

इसके अतिरिक्त, पनकीधाम गुड्स शेड से सिलचर के लिए 04 वैगनों में चावल का लदान किया गया। इससे रेलवे को ₹6,71,535 का मालभाड़ा राजस्व प्राप्त हुआ।

इन उपलब्धियों को हासिल करने में प्रयागराज एवं कानपुर की टीमों के निरंतर प्रयास, बेहतर समन्वय तथा संबंधित व्यापारिक पक्षों से प्रभावी संपर्क की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रेलवे प्रशासन के प्रयासों से नई कमोडिटी एवं नए ग्राहकों को रेल परिवहन से जोड़ने में सफलता मिली है।

रेलवे द्वारा माल परिवहन को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित एवं किफायती बनाने के साथ-साथ सड़क परिवहन के स्थान पर अधिक से अधिक माल को रेल के माध्यम से परिवहन करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कानपुर गुड्स शेड से मक्का की पहली लोडिंग तथा पनकीधाम गुड्स शेड की नवनिर्मित लाइन संख्या 15 से पहली बार माल लदान इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

इन प्रयासों से रेलवे के मालभाड़ा राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय उद्योगों एवं व्यापारियों को अपने माल के परिवहन के लिए रेल परिवहन का बेहतर विकल्प उपलब्ध होगा। प्रयागराज मंडल द्वारा भविष्य में भी नए ग्राहकों एवं नई कमोडिटी को रेल परिवहन से जोड़ने तथा माल लदान बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

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