NEET और Ram Mandir विवाद: हंगामे की भेंट चढ़ा मानसून सत्र का पहला दिन, आगे भी होगी सियासी जंग

कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष के सदस्यों के विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही में बाधा आने के बाद, 20 जुलाई को संसद का मॉनसून सत्र स्थगित कर दिया गया। विपक्ष ने NEET-UG 2026 पेपर लीक और अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में डोनेशन के गबन के आरोपों पर चर्चा की मांग की। राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई और यह 21 जुलाई को सुबह 11:00 बजे फिर से शुरू होगी। लोकसभा की कार्यवाही भी अगले दिन सुबह 11:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। यह सत्र 13 अगस्त तक चलेगा और उम्मीद है कि इसमें राजनीतिक रूप से गरमा-गरम बहसें होंगी, खासकर आने वाले राज्य चुनावों के मद्देनजर।लोकसभा की कार्यवाही के दौरान, विपक्ष के नारों के बीच केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश किया। इस विधेयक का मकसद ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956’ में और संशोधन करना है। इसके तहत सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव है, जो पहले जारी किए गए एक अध्यादेश की जगह लेगा। लोकसभा में सोमवार को विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके।

 

राज्यसभा में सरकार ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश करने की योजना बना रही है, जिसका उद्देश्य ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971’ में संशोधन करना है। प्रस्तावित संशोधन के तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ में किसी भी तरह की बाधा डालने या उसका अपमान करने को अपराध माना जाएगा। विपक्ष ने संकेत दिया है कि वह सत्र के दौरान NEET-UG 2026 पेपर लीक, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित हेराफेरी और अन्य मुद्दों पर बहस कराने की कोशिश करेगा।

राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को उच्च सदन के नौ नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई। जिन सदस्यों ने उच्च सदन की सदस्यता की शपथ ली वे गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, राजस्थान और पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हैं। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन शपथ लेने वाले सदस्यों में गुजरात से भाजपा के मुकेशभाई जे. राठवा, कर्नाटक से कांग्रेस के पवन खेड़ा, मध्यप्रदेश से भाजपा के महेश केवट, मेघालय से एनपीपी के जेम्स पांगसांग कोंगकल संगमा, मिजोरम से खियांग्टे लालत्लुआंगकीमा, राजस्थान से भाजपा के सतीश पूनिया, पश्चिम बंगाल से भाजपा के प्रकाश चिक बड़ाइक, सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर राय शामिल हैं।

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