जाने-माने एक्टिविस्ट अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पर दुख जताया है और सरकार से कहा है कि वह जारी आंदोलन को सुलझाने के लिए बातचीत का सकारात्मक रास्ता अपनाए। पिछले एक हफ़्ते में यह दूसरी बार है जब हजारे ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक विवाद को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के शांतिपूर्ण समाधान और बातचीत का समर्थन किया है।
हज़ारे ने अधिकारियों और नागरिकों के बीच बातचीत के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि बातचीत से टकराव को रोका जा सकता है और लोगों की चिंताओं का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने सभी पक्षों से शांतिपूर्ण तरीका अपनाने की अपील की और ज़ोर दिया कि मतभेदों को सुलझाते समय लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को ही मुख्य आधार बनाया जाना चाहिए।
दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और अधिकारियों के बीच झड़पें हुईं, जिससे स्थिति को संभालने के तरीके पर चिंताएँ पैदा हुईं। कई राजनीतिक नेताओं और जानी-मानी हस्तियों ने इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया दी है और जवाबदेही, बातचीत तथा संयम बरतने की माँग की है। हज़ारे का पत्र भी उन लोगों की आवाज़ में शामिल हो गया है जो शांतिपूर्ण समाधान और सरकार तथा प्रदर्शनकारियों के बीच बेहतर बातचीत की माँग कर रहे हैं।