कानपुर-शहर को गंदगी से मुक्त कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ को धरातल पर साकार करने वाले सफाई कर्मचारियों के आवास आवंटन को लेकर नगर निगम में विरोध के सुर मुखर हो गए हैं संयुक्त सफाई कर्मचारी यूनियन ने नगर आयुक्त पर पक्षपात का गंभीर आरोप लगाते हुए सफाई कर्मचारियों के लिए दो-दो तथा संविदा व आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए एक-एक बंगले के आवंटन की मांग की है यूनियन के अध्यक्ष सुनील सुमन ने नगर आयुक्त की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिन-रात शहर की सफाई में जुटे कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के कार्यालय में कार्यरत चपरासी को तो दो-दो बंगले आवंटित कर दिए गए हैं, जबकि दिन भर गंदगी के बीच काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को स्वच्छ वातावरण और बेहतर जीवन-यापन के अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है यूनियन अध्यक्ष ने इस विषमता को दूर करने के लिए नगर आयुक्त, निदेशक स्वायत्त शासन और नगर विकास मंत्री को पत्र भेजा है उन्होंने मांग उठाई है कि नियमित सफाई कर्मचारियों को दो-दो बंगले आवंटित किए जाएं, संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए कम से कम एक-एक बंगला सुनिश्चित किया जाए सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों और आवंटन में चल रहे पक्षपात पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो यूनियन आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होगी।
सफाई कर्मचारियों के आवास आवंटन को लेकर नगर निगम में विरोध के सुर मुखर