कानपुर-कोतवाली थाना क्षेत्र के इटावा बाजार में 18 अगस्त को हुए हादसे के 20 दिन बाद मलबे के बीच से निकली देवी मां की सुरक्षित मूर्ति आस्था और कौतूहल का केंद्र बनी हुई है तीन मंजिला मकान पूरी तरह ढहने के बावजूद करीब 6 फीट लंबी देवी मां की प्रतिमा को खरोंच तक नहीं आई खबर फैलते ही स्वरूप के दर्शन के लिए क्षेत्रीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई स्थानीय लोगों और मकान मालिक बऊआ मिश्रा के अनुसार, मकान ढहने से ठीक पहले उन्हें सपने में देवी मां के दर्शन हुए थे और किसी बड़ी अनहोनी का आभास हुआ था इसके तुरंत बाद उन्होंने समझदारी दिखाते हुए मकान में रह रहे करीब 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया लोगों के बाहर आते ही जर्जर इमारत भर-भराकर ताश के पत्तों की तरह ढह गई घटना के 20 दिन बाद जब जगह को साफ करने के लिए मलबा हटाने का काम शुरू हुआ, तो मलबे के बीच से देवी मां का अलौकिक स्वरूप प्रकट हुआ। मलबे के भारी-भरकम बोझ के नीचे दबे रहने के बाद भी प्रतिमा पूरी तरह सुरक्षित पाई गई मकान मालिक बऊआ मिश्रा ने बताया कि मलबा पूरी तरह हटने के बाद पंडितों के सानिध्य में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी इसके पश्चात देवी मां की प्रतिमा को वहां से पूर्ण सम्मान के साथ किसी सुरक्षित स्थान या मंदिर में स्थापित किया जाएगा फिलहाल पूरा इलाका “जय माता दी” के जयकारों से गुंजायमान है और यह घटना शहर भर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
20 दिन बाद मलबे के बीच से निकली देवी मां की सुरक्षित मूर्ति आस्था और कौतूहल का केंद्र बनी